ग्रेटर नोएडा। सत्र अदालत ने एम्स पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने के आरोपी मनीष गोस्वामी की जमानत याचिका खारिज की है। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए यह निर्णय सुनाया। आरोपी के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा दर्ज है।
अदालत में आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। घटना के दिन वह अपनी बुआ के घर दिल्ली में मौजूद था। आरोपी के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। उसके खिलाफ कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने अन्य सह आरोपी के साथ मिलकर एम्स पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा में छात्र नितेश के स्थान पर प्रशांत को बैठाकर परीक्षा दिलाने की साजिश रची थी। आरोपी द्वारा फर्जी आधार कार्ड और एडमिट कार्ड तैयार किए गए थे। 13 जुलाई को आयोजित परीक्षा में नितेश की जगह जब बायोमैट्रिक सत्यापन किया गया तो फिंगर प्रिंट और आधार विवरण मेल नहीं खाए। इसके बाद पर्यवेक्षक और कमांडिंग ऑफिसर ने मौके पर जांच की तो छात्र की जगह प्रशांत को परीक्षा देते पाया गया। ब्यूरो