न पोस्टमार्टम हुआ ना ही डीएनए का मिलान, आरोप पत्र दाखिल
- माता-पिता की मौत का बदला लेने के लिए मौत का स्वांग रचने के केस में पायल और अजय के खिलाफ आराेप पत्र दाखिल
- कोर्ट ने आरोपी अजय की जमानत याचिका की खारिज, पुलिस जांच में भाइयों को क्लीन चिट
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। माता-पिता की मौत का बदला लेने के लिए युवती की हत्या कर मौत का स्वांग रचने के केस में पुलिस ने आराेप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले में पायल और अजय ठाकुर को आरोपी बनाया गया है। दंपती की मौत का बदला लेने के लिए बेटी पायल ने फेसबुक फ्रेंड अजय ठाकुर संग मिलकर हेमा चौधरी की हत्याकर खुद की मौत का स्वांग रचा था। आरोपियों ने हेमा को पायल के कपड़े पहनाकर उसका मुंह गर्म तेल से जला दिया। इसके चलते भाई व अन्य परिजन ने हेमा के शव का पायल समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। बहन को न पहचानने को लेकर खुलासे के बाद सवाल उठे और केस की जांच बिसरख कोतवाली से बादलपुर थाने को देकर नए सिरे से जांच की गई। पुलिस जांच में भाइयों को क्लीन चिट मिली। अहम है कि केस में हेमा का शव जला देने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया और डीएनए मिलान भी नहीं हो पाया। ऐसे में न्यायालय में हेमा की मौत साबित करना पुलिस के लिए एक चुनौती होगा। हालांकि पुलिस पर्याप्त सबूत होने का दावा कर रही है। फिलहाल जिला न्यायालय ने पायल के फेसबुक फ्रेंड की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
दादरी के बढ़पुरा गांव निवासी अरुण भाटी का विवाह 29 जनवरी 2020 को हापुड़ निवासी युवती से हुआ था। अरुण के फुफेरे भाई ने साली से ये रिश्ता कराया था। आरोप था कि 16 मई को उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने अरुण के पिता रविंद्र कुमार भाटी को कॉल कर उनके चरित्र पर अंगुली उठाई और दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इससे प्रताड़ित होकर सुसाइड नोट लिखने के बाद रविंद्र और उनकी पत्नी राकेश भाटी ने 17 मई को जहरीले पदार्थ का सेवन कर जान दे दी थी। मामले में अरुण की शिकायत पर दादरी कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। रविंद्र और राकेश की मृत्यु से बेटी पायल आहत थी। वह भाइयों से आरोपियों की गिरफ्तारी कराने के लिए बार-बार जोर देती थी। लेकिन इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इसी बीच पायल की फेसबुक फ्रेंड बुलंदशहर के सिकंदराबाद निवासी अजय से बातचीत होने लगी। पायल ने क्राइम सीरियल और फिल्में देखकर सिलसिलेवार हत्या व खुद की मौत का स्वांग की साजिश रची।
अजय को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही थी पायल
अजय ने पायल से शादी का प्रस्ताव रखा था। इस पर पायल ने उससे कहा था कि अगर वे उसका साथ देगा तो वह उससे शादी कर लेगी। अजय ने हाथरस निवासी व ग्रेनो वेस्ट के मॉल में नौकरी कर रही हेमा से संपर्क किया। उसे 12 नवंबर 2022 को पायल के घर ले गया। दोनों ने मिलकर हेमा की हत्या कर दी। इसके बाद पायल ने उसे अपने कपड़े पहना दिए और उसका मुंह गर्म तेल जलाकर सुसाइड नोट लिखा। जिसमें उसने जले हुए चेहरे को लेकर न जी पाने की बात लिखी। अगले दिन पायल के भाइयों ने पायल समझकर हेमा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया और पायल के घर पर पड़ताल की और हेमा के बाल व खून जुटाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि डीएनए मिलान के लिए पर्याप्त नमूने नहीं मिल पाये। हालांकि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हेमा के कपड़े व अन्य सामान बरामद किए और परिजन ने भी पहचान की।
कोर्ट में दी पोस्टमार्टम न होने की दलील
आरोपी अजय के वकील की ओर से उसकी जमानत की याचिका जिला न्यायालय में दाखिल की गई। इस दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि अजय को रास्ते में एक व्यक्ति मिला था। जिसने अपनी रिश्तेदार को कॉल करने के लिए उसका मोबाइल लिया था। अजय हेमा चौधरी को पहले से नहीं जानता था। गर्म तेल से इस तरह चेहरा नहीं जल सकता कि उसकी पहचान न की जा सके। हेमा के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। वकील ने कहा कि ऐसा ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे ये साबित हो सके कि हेमा की मौत हुई और मौत अस्वभाविक थी। हालांकि अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा और न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
पुलिस के पास पायल और उसके फेसबुक फ्रेंड अजय के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। जिन्हें न्यायालय में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा। दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। घटना में किसी अन्य की संलिप्तता नहीं पाई गई है। - रामबदन सिंह, डीसीपी सेंट्रल नोएडा
हत्या के बाद हेमा के परिजन ने ग्रेनो छोड़ा
हाथरस निवासी हेमा के भाई जितेंद्र ने बताया कि उनकी मां चंद्रवती, बहन हेमा और ममतेश सूरजपुर में रहती थीं। मां व बहन यहीं काम करती थीं। हेमा पति के छोड़ने के बाद अपने बेटे का भरण पोषण मॉल में नौकरी कर कर रही थी। हेमा की हत्या के बाद उनकी मां, छोटी बहन व हेमा के बेटे ने ग्रेटर नोएडा छोड़ दिया। अब वह हाथरस के करसौला गांव में रहते हैं। उन्होंने कहा कि हेमा की हत्या में दो से अधिक आरोपी शामिल हो सकते हैं। डीएनए के लिए ममतेश के बाल लिए गए थे। पायल के घर से भी फर्श उखाड़कर नमूने लिए थे लेकिन जांच नहीं हो पाई। पुलिस का कहना है डीएनए मिलान के लिए गीला खून व जड़ से उखड़े बाल की आवश्यकता होती जो नहीं मिल पाया था।