पिनगवां के गांवों में नहीं मिलेगा एक भी ड्रॉपआउट बच्चा
नगीना। सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत जागरूक करने के बावजूद ग्रामीण इलाके के लोगों की शिक्षा के प्रति अलख अब तक नहीं जल पाई है। अधिकतर ग्रामीण इलाकों में अभिभावक लोगों द्वारा जागरूक कराए जाने के बाद बच्चों का दाखिला तो स्कूल में करा देते हैं लेकिन बीच में ही उनकी पढ़ाई छुड़ा देते हैं। इसे देखते हुए पिनगवां क्षेत्र के लगभग 20 गांवों में पहली से आठवीं कक्षा में बढ़ते ड्रॉपआउट को रोकने के लिए पिनगवां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को संकल्प लिया कि वे गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागृत करेंगे। सूची बनाकर ड्रॉपआउट बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराएंगे। खंड शिक्षा अधिकारी नगीना की मौजूदगी में स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी काबिलियत के अनुसार काम करने की इच्छा जताई। शिक्षक व छात्र इस अभियान में पंच, सरपंच, नंबरदार, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता और गणमान्य लोगों का सहयोग लेंगे ताकि ड्रॉपआउट के कलंक को मेवात से मिटाया जा सके।
शिक्षक लखमूद्दीन, मोहम्मद इकबाल, ईसराईल कटारिया, पदमसिंह, विष्णु व विद्यार्थी वसीम ने बताया कि मेवात क्षेत्र में ड्रॉपआउट को रोकना कठिन चुनौती है। यह तभी रुक सकता है, जब मेवात के गांव से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे खुद अपने गांवों में ऐसे बच्चों को ढूंढकर स्कूलों में दाखिला कराएं। छात्र मनीष, शिक्षक लक्ष्मी नारायण, निधि कटारिया, नीतू, हैप्पी, मोहम्मद सद्दीक, यशपाल, राम किशन ने बताया कि स्कूल में कमजोर बच्चों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाएंगे ताकि सक्षम और सक्षम प्लस अभियान को मजबूती मिल सके।
मेवात में शिक्षा की अलख जगाने के लिए अलग से गांवों में युवाओं की कमेटियां बनाई जाएंगी। पिनगवां वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शिक्षक सकील, जुहरुद्दीन व शाहिद ने बताया कि जितने भी शिक्षक उनके स्कूल में कार्यरत हैं उन सभी ने संकल्प दोहराया है कि इस बार 10वीं में 90 तथा 12वीं में 99 फीसदी परिणाम रहा है, उसे अगली साल बढ़ाकर शत-प्रतिशत करेंगे। कोई भी बच्चा फेल नहीं होगा। अधिकतर बच्चे मेरिट में आएंगे। तीसरी श्रेणी पर कोई नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि जितने भी बच्चे हमारे क्षेत्र में पढ़ रहे हैं, वे कम से कम जिन गांवों से यहां बच्चे पढ़ने आते हैं शिक्षकों के साथ गांव-गांव जाकर अभियान चलाएंगे।
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने कक्षा पहली से 8वीं में ड्रॉपआउट रोकने का निर्णय लिया है। शिक्षक व विद्यार्थी करीब 20 अपने-अपने गांवों में अभिभावकों की मीटिंग करेंगे। हरेक बच्चे का स्कूल में दाखिला कराएंगे, यदि कोई नहीं मानता है तो खंड शिक्षा अधिकारी वहां पहुंचकर अभिभावकों, पंच-सरपंचों, नंबरदार, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी व स्वयंसेवकों से बात करेंगे। - मोहम्मद हयात खान, खंड शिक्षा अधिकारी, नगीना