सुनहेड़ा बॉर्डर पर संविधान की प्रस्तावना पढ़ते किसान
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धरना स्थल पर नहीं होगा किसी पार्टी का प्रचार
पुन्हाना। जिले में सुनहेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना मंगलवार को 8वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने फैसला लिया कि धरना स्थल से किसी पार्टी का प्रचार नहीं किया जाएगा। इस दौरान धरना स्थल पर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई। पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान सहित कई प्रमुख लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील फारूख अब्दुल्लाह, तालीम हुसैन एडवोकेट सहित किसानों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। सभी ने संकल्प लिया कि धरने को संविधान के अनुसार चलाया जाएगा। वहीं किसान नेताओं ने राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वह धरना स्थल पर आकर किसानों को समर्थन दे सकते हैं, लेकिन अपनी पार्टी से संबंधित विचार प्रकट नहीं करें। इस धरने को किसी भी पार्टी के प्रचार का अड्डा बनने नहीं दिया जाएगा। हाईकोर्ट के वकील फारूख अब्दुल्लाह और तालीम हुसैन ने बताया कि संविधान में देश के हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और धरना प्रदर्शन करने का अधिकार दिया गया है। किसान नेता अब्दुल रशीद, मौलाना अरशद मील खेड़ला ने कहा कि वे अपने हकों के लिए संविधान के तहत धरना दे रहे हैं। जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए क्षेत्र के किसान तैयार हैं। किसान संघर्ष समिति का जैसा आदेश होगा, उसके तहत परेड में शामिल होंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है।