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क्या था निठारी कांड?: 18 बच्चों और एक युवती की मौत ने देश को झकझोर दिया था, अनसुलझी गुत्थी फिर चर्चा में?

Fri, 18 Sep 2026 02:21 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में खुदकुशी कर ली। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में उसे अंतिम केस में बरी कर रिहाई के आदेश दिए थे। उसे लुक्सर जेल से रिहा किया गया था। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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निठारी कांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा का चर्चित निठारी कांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। केस में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में खुदकुशी कर ली। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के बाद कोली को अंतिम केस में भी बरी कर दिया गया था और तत्काल रिहाई के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद उसे लुक्सर स्थित जेल से रिहा कर दिया गया था। 

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क्या है निठारी कांड
निठारी गांव में रहने वाले बच्चे वर्ष 2004 से लापता हो रहे थे। बच्चों के लापता होने की जानकारी उनके परिजन थाना सेक्टर-20 पुलिस से लेकर बड़े पुलिस अधिकारियों तक  से कर रहे थे। लेकिन पुलिस गुमशुदगी लिखने के बजाए उन्हें दुत्कार कर भगा देती थी। गायब होने वाले बच्चों में अधिकतर लड़कियां थीं। पायल नाम की एक युवती भी निठारी की पानी की टंकी के पास से लापता हो गई। उसके पिता सेक्टर-19 में रह रहे नंदलाल ने डी-5 सेक्टर-31 कोठी के मालिक व जेसीबी के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर मोनिंदर सिंह पंधेर पर बेटी के अपहरण का शक जाहिर करते हुए पुलिस से शिकायत की। 

पुलिस ने कार्रवाई के बजाय नंदलाल को ही बेटी से देह व्यापार करने का आरोप लगाते हुए भगा दिया। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश देकर सीओ स्तर के अधिकारी को प्रगति आख्या के साथ कोर्ट में बुलाया। इसके बाद उसी साल 15 दिसंबर को अधिकारियों ने कोठी मालिक मोनिंदर सिंह व नौकर सुरेन्द्र कोली से पूछताछ की लेकिन रात में ही दबाव के चलते उन्हें छोड़ दिया। 

मोनिंदर सिंह पंढेर भी सभी मामलों में हो चुका बरी
बता दें कि वर्ष 2023 में मोनिंदर सिंह पंढेर भी निठारी कांड के सभी मामलों से बरी हो चुका है। निठारी कांड वर्ष 2006 में उस समय सुर्खियों में आया था जब नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों के कंकाल मिले थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था।

पंढेर व कोली ने पैर पकड़कर कहा था, गलती हो गई
निठारी कांड में लापता हुई ज्योति की मां सुनीता ने बातचीत में बताया था कि जब इस मामले की जांच होने लगी और पुलिस ने मोनिंदर पंढेर व सुरेंद्र कोली को पकड़ लिया था। तब थाने में पंढेर व कोली ने उसके पैर पकड़ कर कहा था कि उनसे गलती हो गई।

पुलिस ने किया क्लीनचिट देने का प्रयास 
हाईकोर्ट में पुलिस द्वारा बनाई गई रिपोर्ट को पेश किया गया था। इसमें कोठी मालिक व उनके नौकर को क्लीन चिट देने का प्रयास करते हुए नंदलाल को ही आरोपी बनाने की कोशिश की गई थी। हाईकोर्ट ने एक बार फिर नंदलाल के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की और पुलिस को प्रगति आख्या देने के लिए कहा था। इसी बीच लापता हुई पायल का मोबाइल फोन चालू हो गया था।

पुलिस टीम उस मोबाइल फोन तक पहुंच गई थी और 29 दिसंबर को डी-5 कोठी के नौकर सुरेंद्र कोली तक पहुंच गई थी। पुलिस ने उसे मालिक मोनिंदर सिंह के साथ सीओ आफिस में पूछताछ के लिए बुलाया और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो सुरेंद्र ने पायल के कत्ल केसाथ-साथ अन्य लापता बच्चों के कत्ल की कहानी बयां कर दी थी। पुलिस सुबह मारे गए बच्चों के कंकाल बरामद करने पहुंच गई थी। यह देख कर निठारी के लोग भड़क गए थे।  

खूनी कोठी हुई खंडहर में तब्दील
खूनी कोठी डी-5 के सामने से गुजरने वाले बच्चे अब डरते नहीं। कोठी अब भूत बंगले जैसे वीरान व उजड़ी हुई नजर आती है। अंदर खड़ी पंढेर की कार को धूल की परतों ने ढक लिया है। बाहर गेट पर झाड़ियों ने घेराबंदी कर ली है।
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खूनी कोठी में इनके हुए थे कत्ल
  • 1-रचना
  • 2-रिम्पा हलधर
  • 3-कु.बीना
  • 4-पायल
  • 5-ज्योति
  • 6-हर्ष
  • 7-कु.निशा
  • 8-पुष्पा विश्वास
  • 9-सतेन्द्र उर्फ मैक्स
  • 10-दीपाली
  • 11 सतेन्द्र उर्फ मैक्स
  • 12-नंदा देवी
  • 13-पिंकी सरकार
  • 14-दीपिका उर्फ पायल
  • 15-शेख रजा खान
  • 16-सोनी
  • 17-अंजली
  • 18-आरती
  • 19-एक अज्ञात युवती
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