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Noida News: आठ दिन बाद नौवें मजूदर ने तोड़ा दम, केवल पांच आरोपी गिरफ्तार

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आठ दिन बाद नौवें मजूदर ने तोड़ा दम, केवल पांच आरोपी गिरफ्तार
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- आम्रपाली की ड्रीम वैली निर्माणाधीन साइट में 14 वीं मंजिल से गिरने से हुआ था हादसा
- चार मजदूरों ने हादसे के दिन और चार ने एक दिन बाद तोड़ा था दम, नौ आरोपियों पर दर्ज हुआ था केस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आम्रपाली की ड्रीमवैली फेज-2 की निर्माणाधीन साइट पर 15 सितंबर को जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के कारण बारिश के दौरान जर्जर लिफ्ट गिरने से मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। हादसे में घायल मेरठ निवासी कैफ ने शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे दम तोड़ दिया। हादसे के नौ दिन बाद भी पुलिस ने केवल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लेकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में अब तक केवल कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जबकि गिरधारी लाल कंस्ट्रक्शन के मालिक पर कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों को गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में नामजद कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
ग्रेनो वेस्ट टेकजोन-4 स्थित आम्रपाली ड्रीम वैली प्रोजेक्ट की साइट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी के अधिकारी निर्माण कार्य करा रहे थे। 15 सितंबर को बारिश होने के कारण काम बंद था। इसके बावजूद यहां लिफ्ट चला दी गई। हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई। वहीं 16 सितंबर को अस्पताल में भर्ती चार और ने दम तोड़ दिया। इसमें लिफ्ट ऑपरेटर कुलदीप भी शामिल था।
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पुलिस ने मामले में संगीन धाराओं में केस दर्ज कर कई टीमों का गठन किया। पुलिस ने मामले में सबसे पहले गिरधारी लाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम देवेंद्र सिंह उर्फ देवेंद्र शर्मा, जीएम व एडमिन काॅमर्शियल लवजीत कुमार, पांचवीं पास फोरमैन राहुल, फिनशिंग फोरमैन मनोज कुमार और सुपरवाइजर का काम देख रहे बोएलाल पासवान गिरफ्तार किया।

जांच में घोर लापरवाही का खुलासा
पुलिस की अब तक की जांच में आरोपियों की घोर लापरवाही का खुलासा हुआ। तीन साल पहले लगाई गई लिफ्ट का दो साल से थर्ड पार्टी तकनीकी मुआयना नहीं किया गया था। जबकि लिफ्ट में तकनीकी खामी आने के कारण वह गरगराहट की आवाज कर रही थी। चार सितंबर को मजदूरों के शिकायत करने पर पांचवीं पास फोरमैन ने पीनियन गरारी स्वयं बदल ली। लेकिन इसके बाद भी गरगराहट बंद नहीं हुई थी। दावा किया जा रहा है कि इससे लिफ्ट की सेफ्टी डिवाइस ने काम नहीं किया और लिफ्ट 14 मंजिल से सीधे नीचे आकर गिर पड़ी। साइट पर मजदूरों की सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं था और एंबुलेंस भी मौजूद नहीं थी। आरोपियों ने हादसे के बाद पुलिस देर तक पुलिस को भी सूचना नहीं दी और निजी वाहन से घायलों को सीधे जिला अस्पताल ले गए।

एनबीसीसी के अफसरों पर नहीं कसा शिकंजा
पुलिस ने एफआईआर में एनबीसीसी के दो जीएम को भी नामजद किया है। लेकिन उनकी व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है। पुलिस ने एनबीसीसी के आलाधिकारियोंं से हादसे के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा प्रशासन की एक कमेटी भी इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस फिलहाल प्रशासन की कमेटी और एनबीसीसी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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कोट
एडीएम के नेतृत्व में गठित प्रशासन की कमेटी जांच कर रही है। रिपोर्ट आने पर इस मामले में पुलिस अपनी ओर से कार्रवाई तेज करेगी। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। अभी पूरी साइट सील नहीं की गई है। केवल जिस टावर में हादसा हुआ है उसे सील किया गया है। अधिकांश मजदूर यहां जा चुके हैं। - सुनीति, डीसीपी सेंट्रल जोन
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