तीन सौ करोड़ की ड्रग्स के साथ नौ विदेशी गिरफ्तार
सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के जैतपुर गांव स्थित एक मकान में चल रही लैब पर पुलिस ने की कार्रवाई
एक वर्ष से चल रहा था धंधा, पुलिस का दावा- प्रदेश में एमडीएम का सबसे बड़ा जखीरा बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के जैतपुर गांव स्थित एक मकान में छापा मारकर पुलिस ने 300 करोड़ की ड्रग्स के साथ नौ नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान एनुडम इमैनुअल, अजोकू उबाका, डैमियल अजूह, द्रामेमोम्ड, लेवी उजोचुक्व, जैकब एमेफिएले, कोफी, चिडी इजीअग्वा और अजोकू क्लेची के रूप में हुई है। बीटा-2 कोतवाली में हुई प्रेसवार्ता में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने दावा किया कि प्रदेश में सबसे बड़ी सिंथेटिक ड्रग्स की खेप बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट की स्वाट टीम को मादक पदार्थ बनाने वाले नाइजीरियाई गिरोह का पता चला था। इस सूचना पर गोलचक्कर के पास से एमडीएम ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से मिली जानकारी के बाद स्वाट टीम, बीटा-दो कोतवाली, दादरी कोतवाली, टेक्निकल इंटेलिजेंस और मैनुअल इंटेलिजेंस टीम ने सुबह नौ बजे थीटा टीए-दो स्थित जैतपुर गांव स्थित मकान में चल रही फैक्ट्री और लैब पर कार्रवाई की।टीम ने मौके से 200 करोड़ की 46 किग्रा तैयार एमडीएम और 100 करोड़ का मादक पदार्थ बनाने का रसायन सहित कच्चा सामान बरामद किया है।
सभी आरोपियों का वर्तमान पता जैतपुर, ग्रेटर नोएडा है। आरोपियों के कब्जे से ड्रग्स के अलावा टोयोटा इटियोस कार, चार मोबाइल बरामद हुए हैं। कार्रवाई में डीसीपी सेंट्रल राम बदन सिंह, डीसीपी साद मियां खान, एडीसीपी पवन गौतम, एडीसीपी अशोक कुमार, एसीपी अरविंद सिंह, स्वाट टीम प्रभारी यतेंद्र कुमार, बीटा-थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र और दादरी थाना प्रभारी सुजीत कुमार उपाध्याय ने अहम भूमिका निभाई।
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पकड़ा गया कच्चा माल
मेथिल अल्कोहल, हाइपो फास्फोरिक एसिड, हाइड्रोसल्फ्यूरिक एसिड, लोडाइन क्रिस्ट्रल, अमोनिया, इफेड्रिन, एसीटोन,सल्फर, कॉपर सॉल्ट के अलावा फनल, बीकर, फ्रीजर और बर्नर आदि बरामद किया गया है।
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ऐसे बनाते थे मादक पदार्थ
आरोपी इफेड्रिन को अन्य रसायन के साथ मिलाकर बर्नर पर गर्म करते थे। इसके बाद एसीटोन, एथेनॉल और मेथेनाॅल आदि मिलाते थे। इसके बाद बने द्रव को मेथेनॉल और एसिटोन के साथ फ्रीज किया जाता था। सिंथेटिक ड्रग बेहद खतरनाक होता है। इसे तैयार करते समय आरोपी अपने को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करते थे। मौके पर बड़ी मात्रा में मास्क भी बरामद हुए हैं।
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दिल्ली-एनसीआर में चलाते थे सिंडिकेट
सभी आरोपी दिल्ली-एनसीआर में ड्रग का सिंडिकेट चलाते हैं। आरोपी ग्रेनो में अक्सर जगह बदलकर मादक पदार्थ बनाते थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह करीब एक वर्ष से जैतपुर गांव में किराए का मकान लेकर ड्रग्स बना रहा था। आरोपी बड़ी मात्रा में दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में सप्लाई करते थे।