नौ दिन शेष, खर्च 1.75 करोड़ और मिले महज 15 लाख
- यूपी के शो विंडो में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के स्पॉन्सर के लिए भटक रहे आयोजक
- जिले में तीन प्राधिकरण, सैकड़ों उद्योग और बिल्डर फिर भी व्यवस्था नहीं
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। आर्थिक नगरी में खेल के लिए अर्थ का संकट आ खड़ा है। यूपी के शो विंडो कहे जाने वाले जिले में सब जूनियर बालक व बालिका राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए अब तक बजट एकत्रित नहीं हो पाया है। प्रतियोगिता में लगभग 1.75 करोड़ रुपया खर्च होना है। लेकिन बॉक्सिंग फेडरेशन से केवल 15 लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में आयोजकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आयोजक अन्य स्पॉन्सर की तलाश में भटक रहे हैं। कई आयोजकों से बात हुई लेकिन शनिवार दोपहर तक कोई स्पॉन्सर नहीं मिल पाया था।
जिले को इस बार सब जूनियर बालक व बालिका राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता की पहली बार मेजबानी मिली है। इससे पहले सीनियर वर्ग की मेजबानी मिली थी। ग्रेनो के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 19 मार्च से 25 मार्च तक सब जूनियर बालक व बालिका राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इसमें देश के लगभग सभी राज्यों की दो हजार बालक-बालिकाएं शिरकत करेंगे। आयोजन के अलावा बालक-बालिकाओं के रुकने, खाने-पीने आदि की जिम्मेदारी भी आयोजकों पर है। लेकिन केवल 15 लाख में व्यवस्था मुश्किल है। ऐसे में आयोजक खर्च राशि जुटाने के लिए स्पॉन्सरों को तलाश रहे हैं। लेकिन तीन प्राधिकरण, उद्योग, बिल्डरों वाले जिले में अब तक आयोजकों को स्पॉन्सर नहीं मिल पाए हैं। जिले में चुनावों के दौरान पानी की तरह पैसा बहाने वाले नेता भी आगे नहीं आए हैं। ऐसे सवाल खड़ा हो गया है कि अगर प्रदेश के शो विंडो गौतमबुद्ध नगर में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बजट का बंदोबस्त नहीं हो पा रहा तो प्रदेश के अन्य जिलों में खेल का स्तर क्या होगा। जिले में पहले से ही खेल सुविधा व संसाधनों का अभाव है।
-
प्रतियोगिता में लगभग 1.75 करोड़ रुपये खर्च होना है। लेकिन फेडरेशन से 15 लाख रुपये मिले हैं। इसलिए अन्य स्पॉन्सर को तलाशा जा रहा है। शासन की मदद से कुछ बैंक आदि से स्पॉन्सर शिप की बात चल रही है। खेल के लिए सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए।
- प्रमोद कुमार, यूपी बॉक्सिंग फेडरेशन के सचिव
- बॉक्सिंग फेडरेशन सब जूनियर बालक व बालिका राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन करा रहा है। प्रतियोगिता पर आने वाले खर्च का वहन भी फेडरेशन कर रहा है। खर्च राशि का बंदोबस्त कर लिया जाएगा।
- मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर