नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की अधिसूचना पर रोक लगा दी। इस अधिसूचना के अनुसार क्लैट पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) 2022 और बाद के स्कोर के आधार पर 44 यंग प्रोफेशनल (लीगल) की भर्ती की जानी थी।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने मामले में फैसला सुरक्षित रखा और आदेश दिया कि जब तक फैसला नहीं आता, भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्लैट पीजी स्कोर, जो उच्च शिक्षा के लिए है, को रोजगार के लिए कैसे उपयोग किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, यह चयन का आधार नहीं होना चाहिए। आप स्कोर को वेटेज दे रहे हैं, जो रोजगार के लिए नहीं, बल्कि पढ़ाई के लिए है। न्यायमूर्ति गेडेला ने भी कहा कि क्लैट पीजी मास्टर डिग्री की उपयुक्तता के लिए है, न कि भर्ती के लिए। यह जनहित याचिका दिल्ली के वकील शन्नू बघेल ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने 11 अगस्त 2025 की अधिसूचना को चुनौती दी। ब्यूरो