परिजनों का कहना है कि बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बच्ची का हाथ नीला पड़ने लगा। जबकि डॉक्टर सुधार का आश्वासन देते रहे। लापरवाही छुपाने के लिए बच्ची को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
सपा नेता मोहित नागर का कहना है कि निजी अस्पताल में पांच अक्तूबर को बच्ची को उपचार कराने के अस्पताल लाया गया। जहां पर डॉक्टरों के द्वारा लापरवाही बरतने व गलत उपचार करने से हाथ नीला पड़ने लगा। प्रबंधन ने मामले को छिपाने के लिए बच्ची को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां स्थिति गंभीर होती जा रही है।