आजादी के बाद जब खुर्जा को लोकसभा सीट बनाया गया था। उस दौरान खुर्जा लोकसभा क्षेत्र में खुर्जा, जेवर, दादरी, डिबाई, सिकंदराबाद विधानसभा इससे जुड़ी थीं। लोकसभा क्षेत्र के केंद्र में होने के कारण खुर्जा या इसके आसपास अधिकतर बड़े नेता जनसभा करते थे। बुलंदशहर जिले का खुर्जा व सिकंदराबाद न केवल लोकसभा क्षेत्र के केंद्र में था बल्कि गाजियाबाद, बुलंदशहर और अलीगढ़ के भी करीब व केंद्र में था।
वर्ष 2009 में खुर्जा लोकसभा सीट का नाम बदलकर गौतमबुद्ध नगर कर दिया गया। परीसीमन में गौतमबुद्ध नगर लोकसभा में डिबाई की जगह नई विधानसभा बनाई गई नोएडा को शामिल किया गया। इसके बाद से गौतमबुद्ध नगर सीट में नोएडा, दादरी, जेवर, सिकंदराबाद और खुर्जा पांच विधानसभा शामिल हैं। पुराना क्षेत्र, गांव व कस्बे की मिश्रित आबादी होने के कारण आज भी बड़े नेता इसी क्षेत्र को बेहतर मानकर जनसभा कर रहे हैं। इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण खुर्जा सिकंदराबाद के कई गांवों की जमीन पर ही न्यू नोएडा बसाने जा रहा है। वहीं, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र भी अपनी सीमा का विस्तार करते हुए खुर्जा के गांवों तक पहुंच रहा है।
नाम बदला लेकिन राजनीति का केंद्र बिंदु नहीं
परिसीमन के बाद खुर्जा लोकसभा का नाम गौतमबुद्ध नगर लोकसभा रख दिया गया लेकिन इस सीट की राजनीति का केंद्र बिंदु आज भी खुर्जा-सिकंदराबाद के आसपास का क्षेत्र ही बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने न्यू नोएडा के करीब 25 जनवरी को खुर्जा से लगभग 12 किमी दूर नवादा के फायरिंग रेंज के मैदान में जनसभा कर लोकसभा चुनाव का शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अप्रैल को सात अप्रैल को खुर्जा के रिफाहे आम इंटर कॉलेज के मैदान में बसपा राष्ट्रीय समन्वयक और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने जनसभा की। शुक्रवार को अखिलेश यादव ने सिकंदराबाद क्षेत्र में जनसभा की।