नई दिल्ली। श्रीराम भारतीय कला केंद्र, मंडी हाउस में पद्मश्री वीरेंद्र प्रभाकर की स्मृति में ‘युग युग की सत्य कथा’ नामक संपूर्ण रामलीला का भव्य मंचन हुआ। इस अवसर पर नेपाल के भारत में राजदूत डॉ. शंकर पी. शर्मा मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने कहा कि सीता जनकपुरी की निवासी थीं, जो आज नेपाल में है। इसलिए यह मंचन हमारे लिए धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। चित्र कला संगम की ओर से प्रस्तुत इस तीन घंटे की रामलीला ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और मर्यादा को जीवंत कर दिया। युद्ध के दृश्यों में मयूरभंज छऊ और कलरिपयट्टु नृत्य शैलियों का सुंदर संयोजन हुआ। यह आयोजन फोटोजर्नलिज्म के पुरोधा और पद्मश्री से सम्मानित वीरेंद्र प्रभाकर की स्मृति में किया गया। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज प्रभाकर की 15 हजार से अधिक तस्वीरें देश के प्रमुख समाचार पत्रों के मुखपृष्ठों पर प्रकाशित हुई हैं। कार्यक्रम में एरिट्रिया के राजदूत एलेम त्सेहाये वोल्डेमरियम के अलावा डॉ. गौरव गुप्ता, अशोक जैन, रवि जैन, पं. चंद्र शेखर शर्मा और धीरज धर गुप्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। ब्यूरो