माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दुष्कर्म के आरोपी पंजाब के आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है और न ही पुलिस उन हमलावरों की पहचान कर पाई है, जिन पर पुलिस की हिरासत से विधायक को भगाने का आरोप है। मामले में हिरासत में लिए 10 लोगों से पूछताछ जारी है।
पटियाला और करनाल पुलिस अभी तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। स्थानीय पुलिस की ओर से अब तक हुई जांच में सामने आया है कि फायरिंग नहीं की गई थी। हालांकि आरोपी विधायक, एचएसजीपीसी सदस्य गुरनाम सिंह लाडी और अन्य ग्रामीणों पर दर्ज हुए केस में पुलिस जांच कर रही है। सदर थाना प्रभारी तरसेम का कहना है कि अभी तक की जांच व सीसीटीवी फुटेज में फायरिंग जैसी स्थिति नहीं मिली।
मामले के अनुसार, सोमवार की रात को पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा अपने साढू एचएसजीपीपी सदस्य गुरनाम सिंह लाडी के घर डबरी आए थे। मंगलवार को सुबह 4:30 बजे पंजाब पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। आरोप है कि पुलिस ने गेट नहीं खटखटाया। गेट और दीवार फांदकर पुलिसकर्मी अंदर आए। परिजन का कहना है कि इसके बाद उन्होंने विधायक से मुलाकात भी की। करीब दो घंटे रही पुलिस ने यहां पर खाना भी खाया था। बातचीत के बाद विधायक और पंजाब पुलिस अपने-अपने वाहनों से रवाना हो गए थे। इसके बाद पंजाब पुलिस की ओर से यहां पुलिस हिरासत से विधायक को फरार कराने के लिए फायरिंग व पथराव का आरोप लगाया गया था। इस पर पंजाब पुलिस के अलावा सदर थाना पुलिस ने अलग से केस दर्ज किया है।
मंगलवार की रात को पंजाब पुलिस की कई टीमें डीएसपी के साथ यहां जांच करने पहुंची थी। बुधवार को भी पूरा दिन सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। इसके बाद गांव से पंजाब पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया था, वहीं देर शाम एचएसजीपीसी सदस्य के परिवार ने पंजाब पुलिस की ओर से महिलाओं और बुजुर्गों से मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाए थे। इसे लेकर उन्होंने एसपी गंगाराम पूनिया से भी मुलाकात की थी। बाद में चार लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।