तीन किलोमीटर लंबे रास्ते में नहीं टेंट और पेयजल की व्यवस्था, तेज गर्मी में श्रद्धालु परेशान
-प्रतिदिन बढ़ रही भीड़, हजारों लोग लगा रहे ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। बृज चौरासी कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं की भीड़ बढने लगी है। हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु जिले के बिछोर गांव की सीमा की होकर निकल रहे है। प्रशासन की ओर से परिक्रमा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, बिजली व साफ सफाई की व्यवस्थाएं की गई है तो स्थानीय लोग भी जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर यात्रियों की मदद में जुटे हुए हैं। इसके बावजूद बिछौर और नीमका गांव के बीच करीब तीन किलोमीटर लंबे मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच पैदल परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को इस रास्ते पर सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे हिस्से में न तो छांव के लिए टेंट लगाए गए हैं और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था दिखाई दे रही है। लंबे रास्ते में आराम करने के लिए कोई स्थायी या अस्थायी इंतजाम न होने से बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों वाले परिवार विशेष रूप से परेशान नजर आए।
परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि बाकी स्थानों पर प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से बेहतर व्यवस्था देखने को मिल रही है। जगह-जगह शीतल जल, छाछ, फल और भोजन की सेवा उपलब्ध है, लेकिन बिछौर-नीमका मार्ग का यह हिस्सा पूरी तरह उपेक्षित दिखाई दे रहा है। यात्रियों के अनुसार कई किलोमीटर तक पानी की एक बूंद तक उपलब्ध नहीं होने से लोगों को रास्ते में रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ रहा है।
पुन्हाना एसडीएम लगातार कर रहे निरीक्षण :
बृज चौरासी कोस परिक्रमा को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है। उपमंडल अधिकारी (ना.) पुन्हाना अमित कुमार ने बिछौर और नीमका गांव का दौरा कर परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार संजीव नागर, बिजली विभाग के एसडीओ शमीम अहमद और जेई नफीस अहमद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
’’84 कोस परिक्रमा मार्ग पर स्थानीय लोगों की व्यवस्थाएं बेहतर है। लेकिन बिछोर व नीमका गांव के बीच विश्राम करने के लिए कोई जगह नहीं है। श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने के कारण रास्ते में अस्थाई टेंट व पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।’’
हरभान सिंह, श्रद्धालु
’’तेज गर्मी व रास्ते में ठहरने व पानी की सुविधाओं की कमी के कारण काफी परेशानी हो रही है। दोपहर के समय गर्मी इतनी अधिक हो जाती है कि बिना छांव के चलना मुश्किल हो रहा है। ’’
महंत शंकर गिरी, श्रद्धालु
’’बिछोर-नीमका गांव के बीच तीन किलोमीटर के रास्ते में यात्रियों के लिए ठहरने के लिए अस्थाई टेंट व एक-दो पानी के टैंकर की व्यवस्था हो जाए तो श्रद्धालुओं के लिए काफी राहत भरा कदम होगा।’’
लीलावती, श्रद्धालु
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’’बिछोर गांव के मंदिर में भीड़ अधिक थी सोचा थोड़ा आगे आराम करेंगे लेकिन रास्ते में ठहरने की कोई व्यवस्था ना होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड रहा है। तेज गर्मी में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
पुष्पा सैनी, श्रद्धालु
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प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल हो रहे हैं, इसलिए प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देना है। सेवा शिविरों, विश्राम स्थलों और पेयजल व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।
अमित कुमार, एसडीएम पुन्हाना