लापरवाही: सेक्टर-43 के बदले 42 में आरक्षित कर दी 60 हजार वर्गमीटर जमीन
- सुप्रीम कोर्ट ने सेकटर-43 में केंद्रीय सहकारी आवास समिति को जमीन देने का दिया था आदेश
- प्राधिकरण ने सेक्टर 42 में आरक्षित कर बोर्ड बैठक में किया अनुमोदन
माई सिटी रिपोर्ट
नोएडा। प्राधिकरण ने लापरवाही बरतते हुए सेक्टर-43 की जगह सेक्टर-42 में 60 हजार वर्गमीटर जमीन आरक्षित कर दी। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सहकारी आवास समिति को सेक्टर-43 में जमीन देने का आदेश दिया था। यही नहीं यह मामला बोर्ड बैठक में पेश किया गया। जिसमें बोर्ड ने सेक्टर-42 में जमीन आरक्षित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया। बाद में मामले का खुलासा हुआ। शासन ने इस मामले में नोएडा प्राधिकरण को अगले बोर्ड बैठक में सेक्टर-43 के लेआउट प्लान का अनुमोदन करते हुए प्रस्ताव पेश करने को कहा है।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण के बीते बोर्ड बैठक में सेक्टर-42 के संशोधित ले आउट प्लान को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत भूखंड संख्या जीएच-01 में 60 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल के प्लाॅट को केंद्रीय कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति के लिए आरक्षित किया गया। सेक्टर में 24 मीटर और 12 मीटर की चौड़ी सड़कों के प्रावधान के साथ-साथ 350 वर्गमीटर क्षेत्रफल के बड़े आवासीय भूखंडों को नियोजित करने के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में काफी दिनों से जमीन के लिए विवाद चल रहा था। इसमें 844 लोग जमीन के लिए प्राधिकरण के आमने-सामने थे। बोर्ड ने अपने स्तर पर इसका मामला सुलझाते हुए समिति के लिए जमीन आरक्षित कर दी। यहां 46 हेक्टेयर में से छह हेक्टेयर जमीन सहकारी समिति को आरक्षित की गई थी। बाकी जमीनों को विकसित करने की योजना बनाई गई थी।
शासन ने सेक्टर-43 में जमीन आरक्षित कर संशोधित लेआउट प्लान पेश करने को कहा
बोर्ड के अनुमोदन के बाद शासन का कहना है कि संचालक मंडल की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश के अनुपालन में केंद्रीय सहकारी आवास समिति के सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने हेतु 60 हजार वर्गमीटर जमीन आरक्षित किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। कोर्ट के आदेश में सेक्टर-43 में जमीन आरक्षित करने के निर्देश हैं। लेकिन प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-42 में जमीन आरक्षित की गई है। संचालक मंडल ने निर्देश दिया कि भूमि की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए कोर्ट के पारित आदेश का पालन करते हुए सेक्टर-43 का संशोधित लेआउट प्राधिकरण बोर्ड की आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाए। जिसमें केंद्रीय सहकारी आवास समिति के लिए 60 हजार वर्गमीटर जमीन आरक्षित की जाए।
प्राधिकरण की ओर से लिपिकीय गलती की वजह से सेक्टर-43 के बदले सेक्टर-42 टाइप हो गया। इसमें सुधार करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
- सतीश पाल, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण