नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 105 वें स्थापना दिवस के तहत विश्वविद्यालय के अंसारी ऑडिटोरियम में कल्चरल कनेक्ट्स एंड डिप्लोमेटिक डायलॉग्स: द इंडियन वे इन द 21 सेंचुरी विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। जामिया कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा कि भारत अनादि काल से सांस्कृतिक विविधता और बहुलवाद का केंद्र रहा है।
भारतीय संस्कृति और परंपराएं कोई आधुनिक आविष्कार नहीं बल्कि सदियों पुरानी विरासत हैं। जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि भारतीय कूटनीति का जन्म सत्ता के नौकरशाही गलियारों में कभी नहीं हुआ बल्कि यह नैतिकता, संस्कृति और धर्म में निहित ऋषियों की दार्शनिक कल्पना में युगों-युगों से आकार लेती रही है। आज की खंडित दुनिया में शांति की कुंजी सॉफ्ट पावर, संवाद और सहानुभूति में निहित है। इस पैनल चर्चा में भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ब्यूरो