समय माता मंदिर में दर्शन को लगी भीड़ -संवाद
संतकबीरनगर। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन के लिए भक्तों की मंदिरों में लंबी कतार लगी रही। सुबह से ही भक्त मां के जयकारे लगाते हुए दर्शन किए। मां की भव्य आरती के बाद पूजन-अर्चन किए।
शहर के समय माता मंदिर, बरदहिया के दुर्गा मंदिर, वन देवी मंदिर उस्का कला, बाराखाल मंदिर समेत जिले के सभी देवी मंदिरों ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। समय माता मंदिर के पुजारी ब्रजेश मिश्र ने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी, देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं। इनके दर्शन पूजन से धन-धान्य और सुख-समृद्धि मिलती है। माना जाता है कि ब्रह्मचारिणी ने राजा हिमालय के घर जन्म लिया था। उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ‘देवी ब्रह्मचारिणी’ रूप की पूजा करने का विधान है। मां ब्रह्मचारिणी के दाएं हाथ में माला और बाएं हाथ में कमंडल है। बताया कि हजारों वर्षों तक अपनी कठिन तपस्या के कारण ही इनका नाम तपश्चारिणी या ब्रह्मचारिणी पड़ा। उन्हें त्याग और तपस्या की देवी माना जाता है।
अपनी इस तपस्या की अवधि में इन्होंने कई वर्षों तक निराहार रहकर और अत्यन्त कठिन तप से महादेव को प्रसन्न कर लिया। इनके इसी रूप की पूजा और स्तवन दूसरे नवरात्र पर किया जाता है। इस दौरान देर शाम माता की आरती हुई। जिसमे भक्तों की भीड़ लगी रही। यही हाल अन्य मंदिरों का रहा।