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UP: 35 इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम से निशानेबाज साधेंगे निशाना, 11 से 15 सितंबर तक राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता

Sat, 30 Aug 2025 09:30 AM IST
विजय पुंडीर अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

11 से 15 सितंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में देश के कई राज्यों के खिलाड़ियों के साथ ही गल्फ देश भी शामिल होंगे। पांच दिन तक चलने वाली प्रतियोगिता की तैयारी अंतिम चरण में है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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खेलों के हब के रूप में गौतमबुद्ध नगर के स्कूल नई पहचान बना रहे हैं। बेहतर सुविधाएं होने के कारण सीबीएसई की ओर से जेपी पब्लिक स्कूल को राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। 11 से 15 सितंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में देश के कई राज्यों के खिलाड़ियों के साथ ही गल्फ देश भी शामिल होंगे। पांच दिन तक चलने वाली प्रतियोगिता की तैयारी अंतिम चरण में है। 35 इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम की मदद से निशानेबाज निशाना साधेंगे। खेल मंत्री प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। वहीं, समापन समारोह में शिक्षा मंत्री शामिल होंगे।

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जेपी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य मीता भांडुला ने बताया कि पांच दिन तक चलने वाली प्रतियोगिता में 1200 से अधिक खिलाड़ी देश के साथ गल्फ देशों से भी भाग लेंगे। 230 से अधिक रेफरी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि देश के साथ ही कई देशों के पूर्व खिलाड़ी निर्णायक की भूमिका में होंगे।

इन जोन के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
जेपी पब्लिक स्कूल की खेल शिक्षक नीरज सिंह ने बताया कि 10 जोन से अधिक टीमें प्रतियोगिता में भाग लेंगी। उन्होंने बताया कि फॉर ईस्ट जोन में गुवाहाटी और भुवनेश्वर होगा। साउथ जोन एक में चेन्नई और विजयवाड़ा होगा। साउथ जोन दो में बंगलूरू, पुणे और तिरुवनंतपुरम होगा। वेस्ट जोन में सीबीएसई भोपाल होगा। नॉर्थ जोन दो में पंचकुला और चंडीगढ़ होगा। इसके साथ ही नॉर्थ जोन एक में सीबीएसई रीजनल ऑफिस, नोएडा और सीबीएसई ऑफिस देहरादून होगा। सेंट्रल जोन में दिल्ली के साथ ही गल्फ और अब्रॉड जोन के खिलाड़ी आएंगे।
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चार लाख रुपये से इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम हो रहा तैयार
अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम को बनाने में चार लाख रुपये की लागत आ रही है जिसका काम शुरू हो चुका है। 35 इलेक्ट्रॉनिक टारगेट तैयार किए जा रहे हैं। नीरज सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक टारगेट शूटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें स्वचालित स्कोरिंग प्रणालियों का उपयोग किया जाता है, जहां (शॉट) के प्लेसमेंट और स्कोर की गणना स्वचालित रूप से होती है। क्रिकेट की तरह परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देते हैं।

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