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Noida News: नरेला बस टर्मिनल का शुभारंभ, 100 देवी बसों को दिखाई हरी झंडी

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मुख्यमंत्री ने कहा - राजधानी में वर्ष 2027 तक पूरी परिवहन व्यवस्था इलेक्ट्रिक होगी
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2.63 करोड़ की लागत से 90 दिनों में बना
9 प्रमुख रूटों पर 75 बसों का होगा संचालन
अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को नरेला के सेक्टर ए-9 स्थित नवनिर्मित डीटीसी बस टर्मिनल का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 100 देवी बसों को हरी झंडी भी दिखाई। करीब 2.63 करोड़ की लागत से 90 दिनों में बना टर्मिनल 9 प्रमुख रूटों पर 75 बसों का संचालन सुनिश्चित करेगा, जिनमें से अधिकांश ई-बसें होंगी। कुछ नई देवी बसों का संचालन महिला चालकों ने किया।



इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर अब 2000 से अधिक ई-बसें दौड़ रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक पूरी परिवहन व्यवस्था इलेक्ट्रिक हो। नरेला टर्मिनल से चलने वाली बसें पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, मोरी गेट, दिल्ली सचिवालय, उत्तम नगर व बॉर्डर एरिया को जोड़ेंगी। इससे उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में आवागमन बेहतर होने के साथ ही राजधानी के हर कोने में स्वच्छ व हरित परिवहन का उद्देश्य भी पूरा होगा।
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मुख्यमंत्री ने देवी बसों की तीसरी खेप को दिल्लीवासियों को समर्पित करते हुए बताया कि ये लो-फ्लोर, एसी, व्हीलचेयर-फ्रेंडली बसें पैनिक बटन, सीसीटीवी व रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं से लैस हैं। 9 मीटर लंबी ई-बसें लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गईं हैं। पिछली सरकारों ने दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली डीटीसी को गड्ढे में धकेल दिया था।
सीएजी रिपोर्ट के अनुसार डीटीसी को 65,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है, जो दिल्ली सरकार के कुल बजट का 65 प्रतिशत हिस्सा है। एक समय दिल्ली में 850 रूटों पर बसें चलतीं थीं, जो घटकर आधी रह गईं हैं, लेकिन खर्चा दोगुना हो गया। महिलाओं की मुफ्त यात्रा में भी बड़े पैमाने पर घोटाले हुए, जबकि गिनती का कोई पारदर्शी सिस्टम नहीं था। इस मौके पर परिवहन मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह, मंत्री रविंद्र सिंह इंद्राज, सांसद योगेंद्र चांदोलिया, मुख्य सचिव धर्मेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।

पिछली सरकार ने हजारों कर्मचारियों को किया बेरोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की ओर से बसों में लगाए जाने वाले पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और भर्ती तक में गड़बड़ी हुई। रूट घटाई गई, किलोमीटर दर बढ़ गई, टिकटिंग व फ्री बस सेवा में घोटाले हुए और हजारों कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया गया। पिछली सरकारें काम में दाम खोजती थीं, जबकि मौजूदा सरकार काम पर ध्यान देती है। अब दिल्ली में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी परिवहन व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। लक्ष्य 100 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाना है, जो प्रदूषण कम करेगा और यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और ईको-फ्रेंडली यात्रा का अनुभव देगा। यह सिर्फ बसों का लोकार्पण नहीं है, बल्कि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ठोस कदम है।
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विकसित राजधानी के विजन को साकार किया : पंकज
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने नए टर्मिनल और देवी बसों की सौगात को राजधानी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 4000 वर्गमीटर क्षेत्र में बना यह अत्याधुनिक, हाईटेक बस टर्मिनल और नई ई-बसें दिल्ली के हर नागरिक को बेहतर, सुलभ और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन मुहैया कराएंगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की विकसित राजधानी के विजन को साकार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
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