मोदीपुरम। पहाड़ी क्षेत्रों में बने मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के चलते वेस्ट यूपी में मौसम बदल गया। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी और तेज हवा चली। जिस कारण से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 घंटे पहले 25 डिग्री के पास पहुंचा तापमान मंगलवार को फिर से 20 डिग्री से नीचे आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 25-26 जनवरी को बारिश के आसार हैं।
पिछले चार दिन से लगातार दिन का तापमान बढ़ता जा रहा था। तापमान 24.1 डिग्री तक पहुंच गया। सोमवार को दिन में मौसम काफी गर्म दिखाई दिया। पहाड़ों पर बने पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में मंगलवार को सुबह से ही बदलाव दिखाई दिया। हवा की गति धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। दिन में करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच दिन में मौसम सर्द होता चला गया। दोपहर बाद आसमान पर हल्के बादल भी छाए और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम कार्यालय में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में 4.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई जबकि 3.8 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही का कहना है कि अगले चौबीस घंटे में रामपुर बरेली, पीलीभीत, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, संभल, बदायूं आदि में गरज के साथ ओले पड़ सकते हैं। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, शामली में हल्की बारिश के आसार हैं। 27 को फिर से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से 28-29 में भी बारिश के आसार हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार
मोदीपुरम। मौसम बदलने और तेज हवा के चलने से एनसीआर में हवा की सेहत भी सुधरी है। खराब चल रही हवा में काफी सुधार आया है। मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 230 दर्ज किया गया है जबकि गाजियाबाद का 196 और मुजफ्फरनगर का 266 रहा है। जयभीमनगर का 184, गंगानगर का 289 और पल्लवपुरम का 218 दर्ज किया गया है। हवा के चलने से एनसीआर में अभी दो दिन तक एक्यूआई में गिरावट रहेगी।
पड़ सकते हैं बीमार, बरतें एहतियात
मौसम में बदलाव हो रहा है। ठंड थोड़ी कम हुई है, मगर मंगलवार को बूंदाबांदी होने और आने वाले दिनों में बारिश की संभावना के मद्देनजर चिकित्सक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा का कहना है कि अभी ठंड गई नहीं है, बच्चे और बुजुर्ग ठंड से बचें। बारिश हो तो उसमें भीगने से बचें। फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि इस मौसम में संक्रमण, सर्दी-जुकाम, फ्लू और वायरल बीमारियां घेर लेती हैं। गुनगुना पानी पिएं। गला खराब हो तो गरारे करें।
ओले गिरे तो फसलों को होगा नुकसान
मोदीपुरम। ओले गिरने की आशंका जताई जा रही है, ऐसा हुआ तो फसलों को नुकसान होगा। हालांकि ओले नहीं पड़े और ठंड बढ़ी तो गेहूं की फसल को लाभ होगा। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि सर्दी में हल्की फुल्की बारिश होना फसलों के लिए अच्छा रहता है, लेकिन तेज हवा के साथ अगर ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान पहुंचता है। इसमें आलू और बेल की फसल को नुकसान होता है। तेज हवा से फसलें गिर जाती हैं। उत्पादन पर असर पड़ता है। संवाद
भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग घरों से निकले
मेरठ। जिले में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस हुए। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग घबरा कर नीचे उतर आए। कई लोगों ने पंखे हिलने और बर्तन गिरने की बात बताई। किसी ने कहा कि बेड पर लेटे थे, अचानक कंपन होने लगी। सोशल मीडिया पर लोगों ने संदेश डाले। मेरठ भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन चार में है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ यूपी शाही का कहना है कि एक बार भूकंप आने के बाद कई हल्के भूकंप आते हैं। नेपाल व हिमालय के क्षेत्र भूकंप के दृष्टिकोण से जोन 4 व 5 में आते हैं। नेपाल में सुबह 5 बजे व दोपहर 2.28 मिनट पर 5.6 रिक्टर पैमाने पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस कारण यहां भी हल्के झटके महसूस किए गए।