- सत्यापन नहीं होने की वजह से पुलिस को करनी पड़ती है पता लगाने में कड़ी मशक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ में पहले भी सराफा कारोबारियों का सोना लेकर उनके कारीगर भाग चुके है। इन कारीगरों का पुलिस से सत्यापन नहीं कराया जाता है, जिसके कारण पुलिस को घटनाएं होने के बाद पहले पूरी मशक्कत कारीगरों का पता लगाने में लगानी होती है। सदर सराफा बाजार से भागे कारीगर की तलाश में भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी रही।
शहर में सोना लेकर भागने की यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जहां नेपाली नौकर के बड़ी कोठियों में काम करने के दौरान सामान चोरी करके भाग जाने की घटनाएं हो चुकी हैं वहीं, पश्चिम बंगाल के कारीगर सोना लेकर सराफा कारोबारियों को करोड़ों रुपये की चपत लगा चुके हैं। मेरठ में शहर सराफा और सदर सराफा बाजार है। यहां से पूरे देश में आभूषणों की सप्लाई बड़े पैमाने पर होती है। आभूषण बनाने का काम पश्चिम बंगाल के कारीगर करते हैं। सराफा कारोबारी इन कारीगरों का कोई सत्यापन करा बिना ही उनसे काम कराते हैं। जब घटनाएं हो जाती हैं तो फिर भाग कारीगर की कुंडली खंगालने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सदर से सराफा कारोबारियों का सोना लेकर पश्चिम बंगाल का कारीगर भाग गया और 17 जनवरी को इस घटना की रिपोर्ट भी दर्ज हो गई और पुलिस गुपचुप तरीके से कीरागर का पता लगाने में सीसीटीवी फुटेज आदि खंगालती रही। अब उसकी लोकेशन पश्चिम बंगाल मिलने पर पुलिस की एक टीम रवाना की गई है।
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सभी सराफा व्यापारियों को नौकरों और कारीगरों का सत्यापन कराने के लिए कहा जाएगा। कारीगरों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
रोहित सिंह सजवाण एसएसपी
मेरठ।