-डीएमआईसी परियोजना के किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) के किसानों की याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के अपर जिलाधिकारी भू-अधिपत्य को व्यक्तिगत तौर पर तलब किया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को चेतावनी देने के बाद भी जवाब नहीं देने पर नाराजगी जाहिर की है। अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा, कठहेरा, पल्ला और बोड़ाकी गांव की जमीन का अधिग्रहण डीएमआईसी परियोजना के लिए किया गया था। किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण ने गांव के पास बनी आबादी का भी अधिग्रहण कर लिया है। इससे नाराज किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर 24 जनवरी को सुनवाई हुई। किसानों के अधिवक्ता मनोज कुमार दुबे ने हाईकोर्ट को अवगत कराया गया है कि भूमि अधिग्रहण की इस प्रक्रिया के दौरान भूमि अर्जन अधिकारी ने किसानों की आपत्तियों का निस्तारण किया, लेकिन निस्तारण के समय सामाजिक प्रभाव के आकलन और खाद्य सुरक्षा की अनदेखी की और जबरन अधिग्रहण प्रक्रिया जारी रखी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, एडीएम और डीएम से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपना जवाब दाखिल कर चुका है। किसानों के जय जवान जय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक व किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि आगामी 16 फरवरी को अगली सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने अपर जिलाधिकारी भू-अधिपत्य को पूरे रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत तौर पर तलब किया है। किसानों को हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है।