रबूपुरा। कोतवाली क्षेत्र के भाईपुर ब्रह्मनान गांव में शनिवार देर रात दहेज के लिए एक विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। देर रात में ही आरोपी श्मशान घाट पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार करने लगे। डीजल डालकर आग लगा दी। पुलिस के आने की भनक लगने पर आरोपी अधूरा जला शव छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से शव के अवशेष बरामद कर पोस्टमार्टम सहित अन्य जांच के लिए भिजवाए। विवाहिता की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति धर्मेंद्र, सास जयश्री, ससुर वेदराम, ननद कमलेश, जेठ रोहताश, देवर श्यामसुंदर और नंगला शाहपुर निवासी योगेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि मूलरूप से अलीगढ़ के खैर कोतवाली क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी लक्ष्मी ने मुकदमा दर्ज कराया है। लक्ष्मी ने बताया कि 27 जून 2020 को उन्होंने अपनी बेटी प्रियंका की शादी भाईपुर ब्रह्मनान गांव निवासी धर्मेंद्र से की थी। शादी में हैसियत से अधिक दान दहेज भी दिया था। लेकिन ससुराल वाले बोलेरो गाड़ी व अन्य सामान के साथ नकदी की मांग कर रहे थे। उनके द्वारा असमर्थता जताने पर ससुराल वाले बेटी का उत्पीड़न करने लगे थे। कुछ दिन पूर्व बेटी के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। बीती 13 फरवरी को कुछ जानकारों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। इसके बाद उन्होंने बेटी को ससुराल भेज दिया था।
आरोप है कि शनिवार देर रात ससुराल वालों ने प्रियंका से मायके से रुपये मंगाने के लिए कहा। उसके मना करने पर ससुराल वालों ने गला दबाकर प्रियंका की हत्या कर दी। बगैर किसी को सूचना दिए देर रात में ही गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करने चले गए। कुछ लोगों को इस बात की भनक लग गई। उनकी सूचना पर मायके वाले भाईपुर ब्रह्मनान के लिए रवाना हो गए। वहीं कोतवाली पुलिस भी सक्रिय हो गई। इस बात की भनक लगते ही आरोपी शव को अधूरा जला छोड़कर फरार हो गए। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बहन भी भाईपुर ब्रह्मनान गांव में
जानकारी के अनुसार लक्ष्मी की पांच बेटियां हैं। प्रियंका और उसकी बड़ी बहन की शादी भाईपुर ब्रह्मनान गांव में हुई। अन्य तीन बहनें अविवाहित हैं।
पुलिस और तहसील की टीम ने किया निरीक्षण
रविवार को पुलिस अधिकारियों के साथ तहसील की टीम ने भी गांव में आकर जांच पड़ताल की। पुलिस टीम ने घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए।