जेवर। विवाह का निमंत्रण न देने पर युवक की गोली मारकर हत्या और उसके पिता पर जानलेवा हमले के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में पिता ओमवीर और पुत्र रोहित भी शामिल हैं, जिन्हें मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों को पकड़कर बाल संरक्षण गृह भेजा है।
पुलिस के अनुसार चौरोली निवासी रामवीर की बेटी की 9 मई और बेटे पंकज उर्फ आशिक की 14 मई को शादी होनी थी। रामवीर ने पड़ोसी ओमवीर को शादी का निमंत्रण नहीं दिया था। इस बात पर दोनों में मनमुटाव चल रहा था। बीते रविवार की शाम इसी बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। आरोप है कि झगड़े के दौरान ओमवीर, उसके बेटे रोहित और दो अन्य नाबालिगों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। 2 गोली पंकज व रामवीर को लगीं। पंकज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया वहीं रामवीर का फिलहाल हरियाणा के फरीदाबाद में इलाज चल रहा है। पीड़ित परिजनों ने पड़ोसी ओमवीर, उसके बेटे रोहित सहित पांच आरोपियों के नामजद शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस तभी से उनकी तलाश में जुटी थी। आरोपी पुलिस को पहले मथुरा उसके बाद अलीगढ़ में दौड़ाते रहे। शुक्रवार रात गांव लौट रहे आरोपियों से चौरोली व मोर गांव के बीच में पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। रोहित के पास से अवैध राइफल बरामद हुई है। वहीं ओमवीर और दोनों नाबालिगों से भी तमंचे बरामद हुए हैं।
तीन दिन मथुरा और अलीगढ़ में दौड़ती रही पुलिस
चारों आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद गांव से पैदल ही फरार हुए थे। आरोपी अपनी रिश्तेदारी में मथुरा, नौहझील, बाजना होते हुए अलीगढ़ में जट्टारी के पास कई जगह गए। जब रिश्तेदारों को पता चला कि उन पर हत्या का आरोपी है तो उन्होंने आरोपियों को संरक्षण और मदद देने से साफ इनकार कर दिया। इस वजह से आरोपी गांव की ओर लौट रहे थे। पुलिस तीन दिनों से उनके पीछे दौड़ रही थी। लेकिन आरोपियों के पास कोई वाहन नहीं था ना ही वे मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे। जिस भी रिश्तेदार के पास जाते थे उन्हीं के फोन से बातचीत करते थे। इसी वजह से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में वक्त लगा।