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Noida News: एम्स पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा में 'मुन्ना भाई' पकड़ा, दो लाख में हुई थी डील

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साथी भी गिरफ्तार, फर्जी एडमिड कार्ड और आधार कार्ड बरामद
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बायोमैट्रिक व आधार सत्यापन में फिंगर प्रिंट का नहीं हुआ था मिलान
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, एक आरोपी की तलाश

माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने अंजनी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित एम्स पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा के दौरान 'मुन्ना भाई' और उसके साथी को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से फर्जी एडमिड कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुआ है। आरोपियों की पहचान प्रशांत और मनीष गोस्वामी के रूप में हुई। आरोपी प्रशांत फरार चल रहे नितेश के नाम पर परीक्षा देने के लिए मनीष के साथ आया था। 2 लाख रुपये में इनकी डील हुई थी। पकड़े गए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं नितेश की तलाश की जा रही है।
एम्स की पर्यवेक्षक अधीना रिया गोमेज ने केस दर्ज कराया है कि 13 जुलाई को परीक्षा सुबह 10 से 11:30 बजे तक चली। इसमें केंद्र अधीक्षक सुमित कुमार, वेन्यू कमांडिंग ऑफिसर दक्ष चौधरी और उन्होंने बायोमेट्रिक जांच की। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी नितेश को लैब नंबर-2 की सीट नंबर-62 पर बिठाया गया था। जब बायोमैट्रिक व आधार सत्यापन हुआ तो फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हुआ। आधार वेरिफिकेशन में गड़बड़ी पाई गई। तकनीकी कर्मचारी आशीष मलिक ने भी जांच के दौरान फिंगर प्रिंट मिसमैच का अलर्ट पाया। टीम ने जब मौके पर ही अभ्यर्थी से पूछताछ की, तो पता चला कि असली अभ्यर्थी की जगह कोई अन्य व्यक्ति परीक्षा दे रहा था। इसके बाद आरोपी प्रशांत को पुलिस को सौंप दिया गया। आरोपी प्रशांत ने पूछताछ में अपने साथी मनीष गोस्वामी का भी नाम लिया, जोकि परीक्षा केंद्र में ही मौजूद था। उसे भी पकड़ लिया गया।
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इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के जयपुर ग्रामीण के प्रशांत, मनीष गोस्वामी व झुंझनू (राजस्थान) के नितेश के खिलाफ बीएनएस की धारा-61 (2) (जब दो या दो से अधिक व्यक्ति आपस में समझौता करके किसी अपराध करते हैं), बीएनएस की धारा-319 (2) (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), धारा-318 (4) धोखाधड़ी, 338 (मूल्यवान सुरक्षा, वसीयत आदि की जालसाजी), धारा-336 (3) जालसाजी, धारा-340 (2) (बेईमानी से जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग करना) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा-9 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। नितेश ने 2 लाख रुपये में परीक्षा देने के लिए दोनों को हायर किया था। कोतवाली प्रभारी सर्वेश चंद्र का कहना है कि आरोपी प्रशांत फरार चल रहे नितेश के नाम पर परीक्षा देने के लिए अपने साथी मनीष के साथ आया था। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं नितेश की तलाश चल रही है।
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