हत्यारों को सजा दिलाकर रहेंगे
नूंह/पुन्हाना। पहलू खान के हत्या के आरोपियों को अदालत द्वारा बरी किए जाने से पहलू खान का परिवार सदमे में है। परिजनों ने इसके लिए पुलिस और राजस्थान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मरहूम पहलू की पत्नी और बेटों ने अभी हार नहीं मानी है वे आरोपियों को सजा दिलाने के लिए हर मुमकिन कोशिश में जुट गए हैं। पहलू के बेटों ने कहा कि चाहे उनका मकान ही क्यों न बिक जाए पर वे पिता के हत्यारों को सजा दिलाकर ही दम लेेंगे। वहीं अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने के लिए शुक्रवार को वरिष्ठ एडवोकेट असद हयात, एडवोकेट नूरदीन नूर और पहलू के बेटे इरशाद की बैठक हुई। फैसले की सत्यापित कॉपी लेेने के लिए आवेदन किया गया है। दूसरी ओर राजस्थान सरकार भी पहलू मामले में हरकत में आ गई है। मृतक की पत्नी जैबुना ने आरोप लगाया कि पति के हत्यारों को सजा न मिले इसके लिए हत्यारे, पुलिस और सरकार सब एक जुट हो गए। सरकार और पुलिस चाहती तो हत्यारों को सजा दिलाई जा सकती थी। सरकार के दवाब में पुलिस ने सबूत ही नहीं जुटाए। उन्होेंने कहा कि उनके पति और बेटों को बेहरमी से पीटते हुए दुनिया ने देखा है। पति की मौत के बाद उसकी तो दुनिया ही उजड़ गई। वो ही घर का सब कुछ था। लड़के तो नासमझ थे। अब परिवार की सारी जिम्मेदारी बेटों के सिर आ पड़ी है। मेरे पति के हत्यारों को जब तक सजा नहीं हो जाती तब तक मुझे चैन नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा कि मरने से पहले भी पहलू ने हत्यारों का नाम लिया था आखिर ऐसे कैसे हो गया कि किसी भी हत्यारे को सजा नहीं मिली। यह सब पुलिस, सरकार और बदमाशों की मिली भगत है। पहलू के तीसरे बेटे 23 वर्षीय मुबारिक का कहना है वह ट्रक चालक के रूप में काम कर घर का खर्च उठा रहा है। हमें अदालत से उम्मीद थी कि पिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी लेकिन सभी आरोपियों के बरी होने पर यकीन हो गया कि पुलिस ने सरकार के इशारे में जांच में कमी की है। उसने कहा कि बडे़ भाई मजदूरी करते हैं। दोनों भाई पैसे कमा कर पिता के हत्यारों को सजा दिलाने तक लड़ते रहेंगे और चाहे उनको अपना मकान ही क्यों न बेचना पडे़ वे हत्यारों को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे और जीन जान लगा देंगे।
क्या कहते हैं वकील
वरिष्ठ एडवोकेट असद हयात का कहना है कि जिला अदालत द्वारा 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी किया गया है। अदालत के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार अपील दाखिल करने जा रही है वहीं पहलू खान के बेटे इरशाद और आरिफ और दो अन्य घायल अजमत व रफीक की ओर से जल्द ही हाई कोर्ट जयपुर में अपील दाखिल की जाएगी। इसकी तैयारी जारी है। पहलू मामले से पहले ही दिन से जुडे़ रहे एडवोकेट असद हयात का कहना है कि पहलू की हत्या के बाद हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, सहित देश के सैकड़ों जिलों में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों की ओर से विरोध-प्रदर्शन किया गया था। सामाजिक संगठनों और पहलू के बेटों की तरफ से निष्पक्ष जांच कराने व जांच की निगरानी हाई कोर्ट द्वारा किए जाने के लिए जयपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी। कुछ दिनों बाद हाई कोर्ट से सभी आरोपियों की जमानत हो गई। उसके कुछ दिन बाद सोशल मीडिया, संगठन और अन्य सामाजिक लोगों में चुप्पी छा गई और धरने /प्रदर्शन भी बंद हो गये।