यीडा के सेक्टर-29 में बनेगा एमएसएमई क्लस्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के साथ ही यमुना प्राधिकरण की ओर उद्यमियों का रुझान बढ़ रहा है। यमुना प्राधिकरण अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) कलस्टर बनाएगा। इसके लिए सेक्टर-29 को चिह्नित किया गया है। यहां 500 उद्यमियों को जमीन दी जाएगी। अब तक 103 आवेदन आ चुके हैं। इससे 25 हजार करोड़ का निवेश होगा और 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
हाल ही में ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में हुई एमएसएमई की बैठक में भी यह बात निकलकर सामने आई कि यहां पर उद्यमी आना चाहते हैं। यह उद्यमियों के लिए मुफीद जगह साबित हो रही है। लघु उद्योग भारती की तरफ से बुधवार को यमुना प्राधिकरण के सीईओ को जमीन के लिए मांग पत्र सौंपा गया है। संस्था की जिलाध्यक्ष मंजुला मिश्रा की तरफ से बताया गया कि 500 सूक्ष्म, छोटे व मझोले उद्योग क्लस्टर में आने को तैयार हैं। इस पर करीब 400 से 500 एकड़ जमीन की दरकार होगी। इसको देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने अपने यहां पर एमएसएमई कलस्टर बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। यमुना प्राधिकरण ने इस कलस्टर के लिए सेक्टर-29 को चिह्नित किया है। कलस्टर में 500 उद्यमियों को जगह दी जाएगी। आगामी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। इसके बाद तेजी से काम किया जा सकेगा। कलस्टर में 300 वर्ग मीटर से 10 हजार वर्ग मीटर तक के भूखंड होंगे। इससे एमएसएमई उद्यम लगाने के लिए भूखंड मिल सकेंगे। इसमें 90 प्रतिशत भूखंड चार हजार वर्ग मीटर से कम के हैं। आवेदनकर्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप भूखंड आवंटित किए जाएंगे। एमएसएमई कलस्टर बसाने के लिए यमुना प्राधिकरण बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लेकर जाएंगे। ताकि वहां से अनुमोदन कराया जा सके।
यीडा सीईओ ने सेक्टर-24 का किया निरीक्षण
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बुधवार को यमुना प्राधिकरण के औद्योगिक सेक्टर-24 का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह जमीन विवाद के चलते सड़कों का निर्माण अटका है। इससे उद्यमियों को निर्माण सामग्री लाने में दिक्कत हो रही है। सीईओ ने इनके लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने को कहा है। सीईओ आसपास की ग्रीनरी से भी असंतुष्ट दिखे और इसे सुधारने को कहा। इस दौरान यमुना प्राधिकरण के जीएम केके सिंह, ओएसडी आरके सिंह, नियोजन की जीएम मीना भार्गव व डीजीएम एके अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
यमुना प्राधिकरण में एमएसएमई कलस्टर बनाया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-29 को चिह्नित किया गया है। अब तक 103 आवेदन आए हैं। इससे निवेश तो बढ़ेगा ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण