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पुलिस चेकिंग में पकड़ा गया ठगी का चलता- फिरता कॉल सेंटर

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कार में बना रखा था चलता-फिरता कॉल सेंटर, 5 दोस्त गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। कम ब्याज पर लोन देने का ऑनलाइन विज्ञापन देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले पांच आरोपियों को नॉलेज पार्क पुलिस ने शनिवार रात चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया है। लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए आरोपी कार में चलता फिरता कॉल सेंटर चलाकर वारदात कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से कार, 15 मोबाइल, पैन कार्ड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और दो लैपटॉप बरामद किया गया है। आरोपियों की पहचान रबूपुरा करौली बांगर के टिंकू भाटी, अरनिया बुलंदशहर के जसमेंद्र पाल सिंह उर्फ जस्सी, झुंझनु राजस्थान के अंकित, खैर अलीगढ़ के अंकुल और क्वारसी अलीगढ़ के आशीष के रूप में हुई है। ठगी की शुरुआत टिंकू और जस्सी ने की थी। बाद में तीन अन्य दोस्तों को भी साथ मिला लिया। वहीं, फर्जीवाड़े की तह तक जाने के लिए साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई है।
डीसीपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी वरुण पंवार टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने एक कार में संदिग्ध युवकों के दिखने पर आरोपियों की तलाशी ली। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि, शक होने पर पुलिस ने गहनता से जांच की। आरोपियों ने बताया कि वह एक वेबसाइट पर लोन देने का विज्ञापन देकर लोगों से ठगी करते हैं। लोगों से बात करने के लिए दफ्तर की जगह कार में चलते हैं। ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न की जा सके। वहीं, ठगी के शिकार लोग रकम कम होने की वजह से शिकायत नहीं करते थे।
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फाइल चार्ज के 2500 वसूलते थे
आरोपियों ने बताया कि वह एक व्यक्ति से अधिक ठगी का प्रयास नहीं करते थे। लोन पास करने के लिए फाइल चार्ज के नाम पर 2500 रुपये जमा करने की कहते थे। कम रकम होने के कारण और जरूरतों को देख लोग आसानी से रुपये जमा कर देते थे। अगर उन्हें लगता है कि कोई फाइल चार्ज के बाद भी रुपये दे सकता है तो वह जीएसटी के नाम पर भी कुछ रुपये ठग लेते थे। फिर पीड़ित का या तो फोन रिसीव नहीं करते या नंबर बंद कर देते थे।
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