पंजाब के फाजिल्का निवासी गुरदीप कौर ने जताई थी देहदान की इच्छा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पंजाब के रहने वाले शख्स ने शनिवार को अपनी 78 साल की मां का पार्थिव शरीर जिम्स को मेडिकल शिक्षा के लिए दान किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां गुरदीप कौर ने अपने जीवनकाल में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए देहदान करने का संकल्प लिया था। सतनाम सिंह इस कदम से भावी डॉक्टरों को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा और वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकेंगे।
जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पंजाब के फाजिल्का के वीपीओ हिम्मतपुरा निवासी महिला के बेटे सतनाम सिंह और पोते लवली सिंह ने जिम्स में उनका देहदान करके उनकी इच्छा पूरी की। गुरदीप कौर का पार्थिव शरीर अब जिम्स के छात्रों को चिकित्सकीय अध्ययन में सहायता प्रदान करेगा। उनका यह नेक भाव जिम्स के विद्यार्थियों के लिए अमूल्य संसाधन साबित होगा।
उन्होंने कहा कि यह न केवल चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाएगा बल्कि समाज में देहदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा। विभागाध्यक्ष डॉ. रंजना वर्मा, एनाटॉमी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. पुलिमी विनील और आपातकालीन विभाग के डॉ. आदित्य ने परिवार का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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जिम्स में कौशल प्रयोगशाला
ग्रेटर नोएडा (संवाद) जिम्स में विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रयोगशाला, कार्यप्रणाली व उपयोगिताओं से परिचित कराने के लिए कार्यक्रम किया गया। इसमें कौशल शिक्षा, प्रशिक्षण इकाई की स्थापना की गई। यह इकाई स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और युवा महत्वाकांक्षी युवाओं पर केंद्रित कौशल विकास कार्यक्रम प्रदान करके संस्थान के सिद्धांतों को रूप देती है। इसके तहत नैदानिक प्रशिक्षण के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में परिदृश्य-आधारित सिमुलेशन की समझ को बढ़ाना।
मृत्यु प्रमाणीकरण पर कार्यशाला
जिम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने मृत्यु के मामलों में एमसीसीडी फॉर्म 4 और 4ए को सही तरीके से भरने के संबंध में सभी संकायों, रेजिडेंट और प्रशिक्षुओं के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बीमा और अन्य कानूनी उद्देश्यों के लिए शव के उचित निपटान में मृत्यु के कारण के उचित प्रमाणीकरण के महत्व को समझाना था। इसकी शुरुआत निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने किया। सीएमएस डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डीन डॉ. रंभा पाठक भी मौजूद रहे।