ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों में मच्छर मार दवा के छिड़काव की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसके चलते लोगों के साथ-साथ पशुओं में भी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐंचवाड़ी, गोकलपुर, नीमखेड़ा, फलेंडी समेत पिनगवां क्षेत्र के कई गांवों में मच्छरों का आतंक बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही मच्छरों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि घरों के अंदर बैठना भी मुश्किल हो जाता है। कई परिवार रात भर मच्छरों से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि मच्छरों के कारण ही बुखार के मामले बढ़ रहे हैं और अगर समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।
ग्रामीण साहिद खान, मकसूद खान, राशिद, एहसान, जफ़र, मोहम्मद सलीम, जाहुल, आरिफ, रफीक सहित अन्य लोगों ने बताया कि क्षेत्र में साफ-सफाई और दवा का छिड़काव न होने के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मच्छरों के प्रकोप से इंसानों के साथ-साथ पशुधन को भी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि गांवों में जल्द से जल्द मच्छर मारने की दवा का छिड़काव कराया जाए, ताकि मच्छरों के प्रकोप को कम किया जा सके और संभावित बीमारियों के फैलने से पहले ही रोकथाम हो सके।
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अगर किसी क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अधिक पाया जाता है तो उसकी जांच कराई जाएगी और सरपंच के सहयोग से वहां फोगिंग कराई जाएगी, ताकि लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचाया जा सके।
- डॉ. मनप्रीत, जिला मलेरिया अधिकारी