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अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ : जांच एजेंसियों के रडार पर प्रदेश की करीब ढ़ाई सौ से अधिक फर्जी कंपनियां

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जांच एजेंसियों के रडार पर प्रदेश की करीब ढ़ाई सौ से अधिक फर्जी कंपनियां
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- ढाई हजार फर्जी कंपनियां बनाकर 15 हजार करोड़ की जालसाजी का मामला

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ढ़ाई हजार से अधिक फर्जी कंपनियां बनाकर 15 हजार करोड़ से अधिक जालसाजी मामले में जांच एजेंसियों को करीब 250 से अधिक फर्जी कंपनियों यूपी के विभिन्न जिलों में दर्ज मिली हैं। इन इकाइयों के माध्यम से जीएसटी विभाग को आरोपियों ने करोड़ों रूपये के राजस्व का चूना लगा चुके हैं। मामले की जांच स्पेशल टॉस्क फोर्स, केंद्रीय व राज्य की वस्तु एवं सेवा कर विभाग, इनकम टैक्स विभाग और सीबीडीटी की टीम को सौंप दी गई है।
स्पेशल टॉस्क फोर्स फरार सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। वहीं राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 2359 फर्जी कंपनियों व व्यापारियों की सूची सौंपी गई थी। छानबीन में पता चला कि व्यापारी व फर्म देश के अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 250 फर्म उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पाई गई हैं। इनमें से 201 फर्म केंद्रीय क्षेत्राधिकार में आता है, जबकि 46 फर्म राज्य वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में आता है। इस मामले में चिह्नित सभी 201 बोगस फर्माें की जानकारी केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग को दे दी गई है। जांच में इस बात का भी पता चला है कि 24 बोगस फर्म पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं जबकि आठ फर्मों का पंजीयन पूर्व में निलंबित किया जा चुका है। इस तरह से बाकी बचे कुल 14 फर्म सक्रिय पाए गए हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
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11 फर्म गौतमबुद्धनगर में हैं पंजीकृत

अपर आयुक्त ग्रेड-दो राजाराम गुप्ता ने बताया कि इनमें से करीब 11 बोगस फर्म गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न पतों पर पंजीकृत हैं। इनमें से 10 बोगस फर्म केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में आता है, जबकि एक बोगस फर्म राज्य वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में है। विभाग द्वारा इस बोगस फर्म में चार फरवरी को निरस्त किया जा चुका है। यह फर्म प्लास्टिक गुड्स के व्यापार वर्ग में पंजीकृत था।

फरार आरोपियों पर मुंबई में दर्ज है केस
ममाले में पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। छानबीन में पता चला है कि आरोपियों के खिलाफ मुंबई में भी केस दर्ज है। जिसमें इस साल फरवरी के अंत में मुंबई पुलिस ने जयपुर से मयूर उर्फ मणि को गिरफ्तार किया है। इस मामले में नोएडा में गिरफ्तार दीपक भी वांछित था।
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चौदह दिन की मिली न्यायिक हिरासत

फर्जी कंपनी खोलकर ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत मांगी थी। कोर्ट से पुलिस को सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली गई है। अब स्थानीय थाना पुलिस, एसटीएफ समेत अन्य जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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