- दनकौर रेलवे स्टेशन के पास बिलासपुर के निवासियाें की एफओबी की मांग
-आरोप, 10 वर्ष बीतने के बाद भी नहीं सुन रहा रेल मंत्रालय
हरिप्रकाश बाबा
बिलासपुर। दनकौर रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे लाइन पार करते समय पिछले दस वर्षों में मंडी श्यामनगर और खेरली हाफिजपुर गांव के करीब 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद लंबे समय से यहां फुट ओवर ब्रिज की मांग अब तक अनसुनी है। स्टेशन से करीब चार सौ मीटर दूर इस स्थान पर रेलवे लाइन पार करते समय प्रति वर्ष 10 से 15 लोगों की जान चली जाती है।
दनकौर रेलवे स्टेशन को आने वाली रेलवे लाइन के एक पार मंडीश्यामनगर और दूसरी ओर खेरली हाफिजपुर गांव है। दोनों गांव के निवासियों का एक-दूसरे गांव आना जाना होता है। साथ ही ग्रामीणों का एक-दूसरे गांव में खेत होने के चलते प्रतिदिन आना जाना होता है। कासना-सिकंदराबाद मार्ग पर 10 वर्ष पूर्व रेलवे ओवर ब्रिज बनाया गया था। रेलवे ओवर ब्रिज बनने के साथ-साथ यहां पर दोनों गांव के निवासियों ने रेलवे फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग भी की थी लेकिन लंबा समय गुजरने के बाद यह मांग पूरी नहीं हुई। पिछले दस वर्षों में दनकौर रेलवे लाइन पार करते समय लगभग 100 से अधिक लोग ट्रेनों की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं। प्रतिवर्ष करीब 10 से 15 लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। गत सप्ताह भी रेलवे लाइन पार करते समय एक व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी।
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दिल्ली-कोलकाता रूट पर हैं दनकौर की छह लाइनें
दनकौर रेलवे स्टेशन पर छह लाइनें हैं। यहां कई सवारी ट्रेन रुकती हैं तथा यहां से लोकल ट्रेन बनकर भी चलती हैं। कई बार यात्री रेलवे लाइन पार करते समय दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। खेरली गांव के महेश भाटी, सूबे सिंह, शिव कुमार आदि ने इस स्थान पर फुट ओवर ब्रिज फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग की है। मंडी श्याम नगर के कुलदीप शर्मा, अरविंद शर्मा व प्रवीण कुमार जैन का कहना है कि दनकौर-सिकंदराबाद मार्ग पर आरओबी बने लंबा समय हो गया है लेकिन फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग की अनदेखी हो रही है।