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अमर उजाला शतरंज चैंपियनशिप: ग्रैंडमास्टर बनना चाहती हैं मोहिनी पंडित, व्हीलचेयर से रची जीत की कहानी

Mon, 09 Feb 2026 08:26 AM IST
राहुल तिवारी माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा

सार

गिलियन बैरे सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझने के बाद नोएडा की मोहिनी पंडित ने अमर उजाला शतरंज चैंपियनशिप के सीनियर वर्ग का खिताब जीता। व्हीलचेयर पर रहते हुए उन्होंने दमदार वापसी की और अब ग्रैंडमास्टर बनकर देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य रखा है।
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सीनियर वर्ग की विजेता मोहिनी पंडित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला शतरंज चैंपियनशिप में सीनियर वर्ग की विजेता मोहिनी पंडित ने अपने जज्बे से गिलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) को हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की है। नोएडा निवासी मोहिनी की फिडे स्टैंडर्ड रैंकिंग 1590 और रैपिड रैंकिंग 1421 है। वह ग्रैंडमास्टर बनकर भारत का नाम रोशन करना चाहती हैं। 

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महामाया बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा मोहिनी को वर्ष 2022 में पैरालैसिसि का अटैक पड़ा था। इसके बाद से वह अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो सकीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जांच में मोहिनी के दुर्लभ बीमारी गिलियन बैरे सिंड्रोम से पीडि़त होने की जानकारी सामने आई। 

यह ऑटोइम्यून बीमारी है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली व नसों पर हमला करती है। तीन माह तक दिल्ली के एम्स अस्पताल में उपचार चला। पिता अमरेंद्र पंडित गेम्स टीचर हैं। परिवार ने मोहिनी का हौसला बढ़ाया। लगभग छह माह के उपचार के बाद मोहिनी की रिकवरी शुरू हुई।  वर्ष 2023 में उसकी वापसी भी स्कूल में व्हीलचेयर पर हुई। अभी भी उसका एड़ी और घुटने का मूवमेंट ठीक नहीं है। इससे बचाव के लिए फिजियोथेरपी व उपचार जारी है।
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बीमारी से नहीं मानी हार, दमदार वापसी        
लगभग एक वर्ष तक बीमारी से लड़ाई के बाद मोहिनी ने शतरंज की बिसात पर वापसी करते हुए अंडर-13  शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद गोवा में आयोजित राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। वह बिहार राज्य प्रतियोगिता की अंडर-9, अंडर-11 और अंडर-13 चैंपियन बन चुकी है। अब वह अमर उजाला शतरंज प्रतियोगिता की नोएडा चैंपियन भी बन गई हैं।

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