फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: जिला अस्पताल में खुलेगा मॉडल एंटी रेबीज क्लीनिक

विज्ञापन
विज्ञापन
- मरीजों को नहीं पड़ेगा भटकना, जिले की आठ सीएचसी और 23 पीएचसी पर खुलेंगे एंटी रेबीज क्लीनिक
विज्ञापन

- मरीजों को उपचार के साथ अन्य जानकारी देकर किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आवारा कुत्तों के हमले से घायल पीड़ितों को अब अस्पताल में इलाज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में मॉडल एंटी रेबीज क्लीनिक और सभी सीएचसी व पीएचसी पर एंटी रेबीज क्लीनिक बनाए जाएंगे। क्लीनिक पर मरीजों को उपचार करने के साथ बचाव व अन्य जानकारी दी जाएगी।
आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में कुत्ते व बंदर के हमले से घायल 200 से ज्यादा लोग उपचार कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों को उपचार कराने और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पतालों में इधर से उधर भटकना पड़ता है। जानकारी के अभाव में कई मरीजों को समय पर समुचित उपचार की सुविधा भी नहीं मिल पाती या बीच में ही एंटी रेबीज इंजेक्शन का कोर्स पूरा नहीं हो पाता, जिससे लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। इस वर्ष भी जिले में कई लोगों की कुत्ते काटने के बाद रेबीज से मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

शासन ने कुत्तों के हमले की घटनाओं के मद्देनजर और मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा दिलाने के लिए जिला अस्पताल में मॉडल एंटी रेबीज क्लीनिक बनाने और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज क्लीनिक खोलने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में एंटी रेबीज क्लीनिक में चिकित्सक, फार्मासिस्ट स्टाफ नर्स की नियुक्ति की जाएगी। अस्पताल में क्लीनिक का साइन बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े। क्लीनिक में कुत्ते काटने से पीड़ित मरीज के उपचार के लिए दवाएं, जांच और एंटी रेबीज इंजेक्शन, सीरम समेत सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही मरीजों को कुत्ते से बचाव करने, काटने के बाद पूरा कोर्स करने समेत सभी जानकारी देकर जागरूक भी किया जाएगा।
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. शाइस्ता नाज ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में मॉडल एंटी रेबीज क्लीनिक और जिले की सभी आठ सीएचसी और 23 पीएचसी पर एंटी रेबीज क्लीनिक खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही सभी अस्पतालों में यह सुविधा चालू हो जाएगी।
- जिले में रेबीज से हुई मौत के मामले
- 24 जुलाई को कांधला के गांव डुढ़ार में नौ वर्षीय बालक त्रिदेव की मौत, चार माह पहले कुत्ते ने काटा था। परिजनों ने एंटी रेबीज के दो इंजेक्शन लगवाए थे।
- तीन जुलाई को गांव पेलखा निवासी उत्तराखंड के हेड कांस्टेबल दीपक कुमार (44) की कुत्ते काटने के संक्रमण से मौत हुई, चार दिन पहले कुत्ते ने काटा था। वे लिवर की बीमारी से भी पीड़ित थे।

- 24 जून को कांधला के मोहल्ला रायजादगान निवासी चाय विक्रेता राजीव शर्मा (55) की रेबीज से हुई मौत, 34 दिन पहले कुत्ते ने काटा था। परिजनों ने दावा किया था कि एंटी रेबीज इंजेक्शन का कोर्स पूरा किया था।
विज्ञापन

- दो जनवरी को कैराना के मोहल्ला गुलशननगर निवासी एलएलबी के छात्र जावेद (25) की रेबीज मौत हुई। ढाई माह पहले पानीपत से लाए गए पालतू कुत्ते ने काटा था। एंटी रेबीज का एक इंजेक्शन लगवाया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें