जिम्स के अधिकारी ने बताया कि अभी हमारे पास न्यूरो स्पैशल्टी सर्जन नहीं है। जिसके चलते अभी हमें बाहर से सर्जन को बुलाकर मरीजों को सुविधा दी जा रही है। हमारा प्रयास है कि आने वाले न्यूरो संबंधी मरीजों को कम खर्च में जिम्स में ही उपचार दिलाया जा सके। इसके साथ ही हमने शासन से न्यूरो स्टाप की मांग रखी है। प्रयास है कि जल्द से जल्द हमारे पास खुद का स्टाप हो, जिससे जिम्स में आने वाले न्यूरो संबंधी बीमारी के मरीजों को और बेहतर कम दाम में सुविधा दी जा सके। उन्होंने बताया कि अभी हमारे यहां पर बाहर से डॉक्टर बुलाकर मरीजों का उपचार कराया जा रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि अधिक फोन, कंप्यूटर या टीवी का उपयोग करने से न्यूरो संबंधित समस्याओं की संभावना बढ़ सकती है। जैसे सिरदर्द, माइग्रेन, एकाग्रता की कमी, और नींद में समस्या भी हो सकती है। डॉक्टरों का मानना है कि यह शहर नवविकसित होने के साथ ही नौकरीपेशा वाला शहर है। जिस कारण अधिकतर बाहर से आकर रहने वाले युवा या स्थानीय युवा भी कंप्यूटर और मोबाइल फोन में समय अधिक बिता रहे हैं। जिसके चलते उनमें न्यूरो संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं।
गर्मी के साथ ही ठंडी के मौसम में इन समस्याओं को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों ने बताया कि न्यूरो के मरीजों को गर्मी के साथ ही ठंडी के मौसम में भी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। गर्मी के मौसम में कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों और न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। जिससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा, अवसाद और चिंता जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। साथ ही गर्मी के कारण माइग्रेन भी बढ़ सकता है। इस दौरान मरीजों को शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी जाती है। वही, ठंडी के मौसम में कुछ तंत्रिका संबंधी स्थितिया जैसे कि परिधीय न्यूरोपैथी, रेडिकुलोपैथी और मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) के लक्षण बढ़ सकते हैं। जिस कारण झुनझुनी, जलन और तेज दर्द महसूस हो सकते हैं। इसके अलावा स्क्लेरोसिस के कारण लोगों में थकान और दर्द की समस्या होने लगती है। ऐसे मरीजों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
सप्ताह में दो दिन लगती है ओपीडी
जिम्स में सप्ताह में दो दिन न्यूरो संबंधित बीमारी दिखाने के लिए ओपीडी लगाई जाती है। यह ओपीडी जनरल मेडिसिन ओपीडी में ही संचालित होती है। न्यूरो की ओपीडी मंगलवार और शुक्रवार को लगाई जाती है। ओपीडी में ग्रेनो, यमुना सिटी और नोएडा के अलावा आसपास के शहरों के लोग बड़ी संख्या में दिखाने आ रहे हैं। जिम्स प्रशासन का प्रयास है कि जल्द ही खुद के न्यूरो सर्जन मिल जाएं। जिससे मरीजों को और भी बेहतर उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा सके।
| साल 2025 |
मरीजों की संख्या |
| जनवरी |
186 |
| फरवरी |
307 |
| मार्च |
329 |
जिम्स में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए अभी बाहर से न्यूरो के डॉक्टर को बुलाकर उपचार कराया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द से जल्द हमारे पास खुद के सर्जन हों, जिससे और मरीजों को सुविधा मिल सके। अभी सप्ताह में दो दिन ओपीडी लगती है। - डॉ. बिग्रेडियर राकेश गुप्ता, जिम्स निदेशक