माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अखलाक मॉब लिंचिंग में केस वापस लेने के मामले में आज सुनवाई होगी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से केस वापसी की अर्जी लगाई गई है। गौतमबुद्धनगर की एक फास्ट-ट्रैक अदालत (एफटीसी) ने अखलाक के मॉब लिंचिंग से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई थी। अखलाक के परिजन की ओर से कहा गया था यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि भीड़तंत्र द्वारा हत्या का ऐसा उदाहरण है। जिसे वापस लेना समाज, न्याय और कानून तीनों के लिए संकट पैदा करेगा। फॉरेंसिक विवाद चाहे जैसा हो इससे हत्या का अपराध खत्म नहीं होता है। वहीं अदालत ने माना कि राज्य सरकार और परिवार दोनों पक्षों को सुना जाना आवश्यक है। अदालत ने पीड़ित परिवार की आपत्ति स्वीकार की थी।
अदालत ने कहा कि समाज और कानून के हित में हत्या, भीड़, अफवाह और सांप्रदायिक हिंसा चारों पहलुओं की अलग-अलग जांच होगी। साथ ही सुनवाई के लिए 23 दिसंबर की तारीख तय की थी। इस कारण आज मामले में सुनवाई होगी। इस साल अक्तूबर में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि मुकदमा वापसी से सामाजिक सौहार्द बहाल होगा।