नोएडा/गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली क्षेत्र के एक गांव से दस दिन पूर्व कॉलेज जाते समय लापता हुई किशोरी की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर आरोपी शव नोएडा के सेक्टर-33 स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में छोड़कर फरार हो गए। जानकारी मिलने पर किशोरी के परिजनों ने हंगामा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सिंभावली थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर फिरोज, कादिर, अफजाल, मुन्नी, निशा, गुलबशा निवासी गांव वैठ समेत एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक 15 वर्षीय किशोरी सिंभावली के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 की छात्रा थी। वह 22 मार्च की सुबह करीब साढ़े सात बजे घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। किशोरी के लापता होने पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो पता चला कि 22 मार्च को कॉलेज बंद था। वहीं बीते बुधवार (31 मार्च) को नोएडा सेक्टर-33 स्थित अस्पताल से एंबुलेंस चालक ने किशोरी के परिजनों को फोन कर बताया कि कुछ लोग उनकी बेटी के शव को उसकी एंबुलेंस में छोड़कर भाग निकले हैं। इस सूचना पर परिजन तुरंत नोएडा पहुंचे। बृहस्पतिवार को नोएडा में ही पोस्टमार्टम हुआ, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की बात सामने आई। बृहस्पतिवार दोपहर परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। एसओ राहुल चौधरी ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।
पैसे लाने का बहाना बनाकर हो गए फरार
सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या के मामले में एंबुलेंस चालक ने परिजनों को बताया कि आरोपी एंबुलेंस में शव रखकर एटीएम से पैसे निकालने का बहाना बनाकर वहां से जाने लगे। एंबुलेंस चालक ने उनसे उनका मोबाइल नंबर मांगा तो आरोपियों ने मृतका के परिजनों का नंबर दे दिया और पैसे लेकर आने तक उससे वहीं रुकने को कहा। जब आरोपी काफी देर तक नहीं लौटे तो एंबुलेंस चालक को शक हुआ और उसने उक्त नंबर पर फोन किया। फोन मृतका के परिजनों के पास पहुंचा तब उन्हें घटना का पता चला। मामले की जानकारी होने पर एंबुलेंस चालक ने पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
आरोपी भी साथ में करते रहे तलाश
मृतका के पिता ने वैठ निवासी रिश्तेदारों पर ही बेटी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या करने और शव को लावारिस हालत में छोड़ने का आरोप लगाते हुए सात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। परिजनों का कहना है कि एक आरोपी फिरोज 22 मार्च को उनके घर पहुंचा और बेटी के लापता होने पर दुख व्यक्त किया। वहीं, लोकलाज का भय दिखाकर पुलिस में सूचना नहीं देने की बात भी कही। परिजनों ने बताया कि आरोपी उनके साथ लगातार बेटी को तलाश करने का नाटक करता रहा।
परिजनों-ग्रामीणों ने किया हंगामा
बृहस्पतिवार को किशोरी का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों में आक्रोश उत्पन्न हो गया। परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने की तरफ चल दिए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। थानाध्यक्ष ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।