बिधूना (औरैया)। थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने सैफई मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया है। दोनों फिलहाल वहीं भर्ती हैं। अब पुलिस नवजात और जेल में बंद आरोपी की डीएनए जांच कराएगी। डीएनए जांच के बाद ही घटना की गुत्थी सुलझ सकेगी।
12 सितंबर को एक महिला ने थाने पहुंचकर 14 वर्षीय बेटी से छह पहले दुष्कर्म करने का आरोप एक 65 वर्षीय वृद्ध पर लगाया था। बताया था कि बेटी गर्भवती है। वृद्ध ने बेटी को प्रसाद में दवा खिलाकर दुष्कर्म किया था। मामला पुलिस के लिए भी पेचीदा था लेकिन जब नाबालिग पीड़िता ने भी यही कहानी दोहराई तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इधर छह माह की गर्भवती पीड़िता की हालत बिगड़ने के चलते गर्भपात नहीं हो सका। वह मां के साथ ही रह रही थी।
गुरुवार दोपहर में प्रसव वेदना होने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे जहां से उम्र कम होने और हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सैफई मेडिकल कॉलेज में भी पीड़िता की उम्र देखकर डॉक्टर्स ने पहले तो हाथ खड़े कर दिए लेकिन बाद में जब परिजन ने पूरी कहानी बताई तो स्टाफ ने बिधूना थाना प्रभारी मुकुश बाबू चौहान से संपर्क किया। उन्होंने घटना की जानकारी देने के साथ ही एफआईआर व अन्य जरूरी जानकारी भेज दी थी। इसके बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन से पीड़िता का प्रसव कराया। फिलहाल मां-बेटी सैफई मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती हैं। जल्द ही नवजात और आरोपी के खून का सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई जाएगी।दरअसल घटना के छह माह बाद भी मेडिकल जांच से यह तय नहीं हो सका था कि आखिर दुष्कर्म किसने किया है। ऐसे अब डीएनए जांच कराई जाएगी।
कोर्ट ले चुका है आरोप पत्र का संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बिधूना थाना प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने मामले की विवेचना की थी। एक सप्ताह बाद 18 सितंबर को ही उन्होंने आरोप पत्र पॉक्सो कोर्ट में दाखिल कर दिया था। कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान भी ले लिया है लेकिन अभी सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है।
पीड़िता तक नहीं पहुंची सरकारी मदद
दुष्कर्म पीड़िताओं को पुलिस विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रोबेशन विभाग सरकारी मदद दिलाता है। इसके लिए तीन लाख रुपये से लेकर छह लाख रुपये की मदद का प्रावधान है लेकिन मामला दर्ज होने के दो माह बाद भी सरकारी मदद पीड़िता तक नहीं पहुंची। पुलिस का कहना है कि उन्होंने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा दिया है। जल्द ही मदद पीड़िता के खाते में राशि भेजी जाएगी।