58 गांवों से गुजरने वाले रेल ट्रैक पर मंत्रालय खर्च करेगा 2400 करोड़
नोएडा एयरपोर्ट को रेल लाइन से जोड़ने वाला ट्रैक 45 स्थानों पर सड़क के नीचे से निकलेगा
फ्रेट टर्मिनल की भी बनाई जा रही है योजना, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे दूर रहेगी रेलवे लाइन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट को नई दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली-मथुरा रेलवे लाइन से जोड़ने वाला प्रस्तावित ट्रैक एनसीआर के 58 गांवों से गुजरेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए 45 जगहों पर रेल लाइन को सड़क के ऊपर से निकाला जाएगा। इस पूरी कवायद में 2400 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। इसी के साथ ही जेवर के पास फ्रेट टर्मिनल को भी तैयार करने की योजना पर काम चल रहा है। 61 किमी रेल लाइन को यमुना एक्सप्रेसवे सहित अहम सड़कों से क्रॉस किया जाएगा, लेकिन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इस ट्रैक को दूर ही रखा जाएगा।
रेल मंत्रालय के डीपीआर के अनुसार, रुंधी से चोला के बीच प्रस्तावित रेल लाइन को दादरी के पास मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब से भी जोड़ा जाएगा। मुंबई और चेन्नई से आकर कोलकाता की ओर से जाने वाली ज्यादातर तेज रफ्तार वाली ट्रेनों को इस ट्रैक से गुजारा जाएगा। यही कारण है कि इस ट्रैक को वंदे भारत सरीखी सेमी हाईस्पीड ट्रेनों के लिए ही तैयार किया जाएगा।
रुंधी से चोला के बीच रेल लाइन के लिए रेल मंत्रालय ने प्राथमिक सर्वे पूरा कर लिया है। इसमें नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण करने वाली कंपनी की सहमति के बाद इस परियोजना पर काम शुरू होगा। इसमें 45 ऐसी जगह चिह्नित हैं, जहां रेल लाइन पहले से मौजूद सड़क को क्रॉस करेगी। इसके अलावा रुंधी की ओर से दो और चोला की ओर से तीन रेल ओवर ब्रिज का भी निर्माण प्रस्तावित है।
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जेवर खादर और जहांगीरपुर में बनेगा 900 मीटर का स्टेशन
डीपीआर के अनुसार, रुंधी और चोला के बीच प्रस्तावित पांच स्टेशन में सबसे छोटा बीघेपुर में होगा। यह महज 300 मीटर का होगा। सबसे लंबा स्टेशन जेवर खादर और जहांगीरपुर में बनेगा। इनकी लंबाई 900 मीटर होगी। चारघाट में 600 और जेवर एयरपोर्ट के स्टेशन की लंबाई 500 मीटर की होगी।
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अनुमानित खर्च
- रेल ट्रैक के निर्माण पर होने वाला खर्च - 1000 करोड़
- रेल लाइन के क्रॉसिंग पर लागत - 700 करोड़
- यमुना नदी पर बनने वाले पुल का खर्च - 350 करोड़
- यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर की लागत - 15 करोड़
- 45 सड़कों पर बनने वाली क्रॉसिंग की लागत - 315 करोड़
- बिजली उपकेंद्र की लागत- 20 करोड़
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डीपीआर के अनुसार नए रेल लाइन पर 2400 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। पूरी तरह से सहमति के बाद अंतिम कार्ययोजना बनाई जाएगी। फिलहाल, प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट तैयार है। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण