नोएडा। एटीएम में स्कीमर डिवाइस लगाकर कार्ड क्लोन कर लाखों रुपये निकालने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने विदेशी नागरिक और एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों 100 से अधिक एटीएम कार्ड क्लोन कर वारदात अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने शनिवार रात को डीएलएफ मॉल के पास से बुल्गारिया निवासी रूसलेन और पटना निवासी रविकर व कोमल को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को 28 एटीएम कार्ड, लैपटॉप, एटीएम में लगाने वाले बोर्ड, कैमरे, कार्ड रीडर, स्कीमर डिवाइस आदि सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एनसीआर के विभिन्न एटीएम में कार्ड डालने वाले प्वाइंट पर स्कीमर और ऊपर छोटा कैमरा लगा देते थे। इसके बाद कोई भी व्यक्ति अगर उस एटीएम से पैसे निकालने जाता था तो मशीन में कार्ड डालते ही स्कीमर में डिटेल आ जाती थी। पिन नंबर कैमरे में आ जाते थे। इसके बाद रूसलेन स्कीमर डिवाइस से इनपुट लेकर कार्ड क्लोन कर नया कार्ड बना लेता था। तीनों मिलकर नए कार्ड से एटीएम से पैसे निकाल लेते थे और खरीदारी भी करते थे। उन्होंने फरवरी से ही इस फर्जीवाड़े को शुरू किया था। आरोपियों ने अब तक वह 100 से अधिक एटीएम कार्ड की क्लोन कर लाखों रुपये निकाले हैं। शनिवार को तीनों आरोपी सेक्टर-18 के पास एटीएम से पैसे निकालने आए थे। इस दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों के खिलाफ एनसीआर के अन्य शहरों में भी रिपोर्ट दर्ज हैं।
टूरिस्ट वीजा पर बुल्गारिया से आया रूसलेन
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि रूसलेन गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसने इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया हुआ है। वह इलेक्ट्रानिक गैजेट तैयार करने का मास्टर है। इसके लिए ऑनलाइन उपकरण मंगाकर कार्ड क्लोन करता था। वर्ष 2019 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। आरोपी इलेक्ट्रानिक गैजेट को तैयार करने के लिए ऑनलाइन उपकरण मंगाता था।
तिहाड़ जेल में हुई दोस्ती, बनाया गिरोह
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि बुल्गारिया से आने के बीस दिन के बाद ही दिल्ली पुलिस ने रूसलेन को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद वह तिहाड़ में बंद था। यहीं कोमल और उसका साथी रविकर भी हत्या के आरोप में बंद थे। कोमल का पति बिहार में रहता है। आरोप था कि कोमल साथी रविकर के साथ दिल्ली भाग आई थी। उसने चार साल के बच्चे की हत्या कर दी थी। इसी मामले में दोनों तिहाड़ जेल में बंद थे। तिहाड़ में ही तीनों की दोस्ती हुई और कार्ड क्लोनिंग गिरोह बना लिया। जेल से छूटने के बाद तीनों आरोपी सेक्टर-75 की एक सोसाइटी में रहने लगे और वारदात अंजाम देने लगे।
एलआईयू भी जांच में जुटी
एलआईयू की टीम बुल्गारिया निवासी रूसलेन के बारे में पता लगा रही है और उसके पासपोर्ट और वीजा की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। इसकी वैधता समाप्त हो जाने की आशंका जताई जा रही है। इसकी गिरफ्तारी के बाद कमिश्नरेट पुलिस बुल्गारिया एंबेसी के भी संपर्क में है और जानकारी दी गई है।
कार्ड क्लोनिंग करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इसमें एक विदेशी नागरिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। - रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा