महंगा होगा मेट्रो फीडर बस का सफर, 15 रुपये न्यूनतम किराया
- बसों के रूट तय होने के बाद किराये पर मंथन शुरू, परिवहन विभाग करेगा किराये पर अंतिम फैसला
नंबर
- 12 रूटों पर होगा फीडर बसों का संचालन
- 25 वातानुकूलित बसें उतारने की तैयारी
- 42 फीसदी महंगा होगा सफर पुरानी मेट्रो फीडर बस सेवा से
योगेश शर्मा
नोएडा। मेट्रो स्टेशनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 12 अलग-अलग रूटों पर फीडर बसों को चलाने की तैयारी तेज हो गई है। बस रूट तय होने के बाद अब किराया तय करने के लिए नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) ने मंथन शुरू कर दिया है। बस संचालन करने वाली कंपनी ने किराये के पांच स्लैब का प्रस्ताव बनाकर एनएमआरसी को सौंपा है। इसके तहत तीन किमी तक सफर का न्यूनतम किराया 15 रुपये और 15 किमी तक सफर के लिए 45 रुपये किराया निर्धारित करने का प्रस्ताव है। पुरानी मेट्रो फीडर बस सेवा की तुलना में इस बार 42 फीसदी अधिक किराये का भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, किराये के प्रस्ताव पर परिवहन विभाग अंतिम फैसला लेगा।
मेट्रो फीडर बसों के छह रूट नोएडा और छह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से निर्धारित किए गए हैं। प्राधिकरणों ने अपने क्षेत्र में यात्रियों की सहूलियत के हिसाब नए सिरे से सर्वे कराकर रूट तय किए हैं। नोएडा प्राधिकरण की ट्रैफिक सेल के अधिकारियों का दावा है कि 15 मिनट के अंतराल पर स्टॉपेज पर बसों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर रूट बनाए गए हैं। पिछली बार की तुलना में किराया ज्यादा होने की वजह बस संचालन के खर्च में बढ़ोतरी बताया जा रहा है। सभी 25 सीएनजी बसें वातानुकूलित होंगी। कंपनी को खर्च निकालने के लिए विज्ञापन आदि से आमदनी का अधिकार दिया गया है। एनएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर बस संचालन शुरू कराया जाएगा।
इस बार महंगे किराये की वजह
एनएमआरसी को कंपनी की तरफ से किराये का जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें किराया ज्यादा होने की कई वजह बताई जा रही है। पहला सीएनजी की बढ़ी दरें और दूसरी वजह इस बार बसों का संचालन हाईटेक तरीके से करना बताया जा रहा है। पहले चरण में 24 सीट वाली जिन 25 बसों का संचालन होगा। अर्बन मोबिलिटी कंपनी के मोबाइल एप की मदद से बसों की लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा। इससे स्टॉपेज पर पहुंचने में लगने वाला समय जानना आसान हो जाएगा। एप से टिकट भी बुकिंग हो सकेगी। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले जब एनएमआरसी की बसें संचालित हो रही थीं, तब सीएनजी की दरें करीब 49 रुपये प्रति किग्रा थी, जबकि मौजूदा दर 77.20 रुपये प्रति किग्रा है।
हर महीने तीन करोड़ का था घाटा
फरवरी 2021 में एनएमआरसी ने बस संचालन करने वाली कंपनी से अनुबंध समाप्त कर दिया था। उस दौरान बड़ी बसों का संचालन किया जा रहा था। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन व अन्य कारणों से बस संचालन से करीब तीन करोड़ रुपये प्रति माह का घाटा हो रहा था। जिसके बाद बस सेवा बंद करने का फैसला लिया गया।
ये रूट हैं निर्धारित
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नोएडा
-सेक्टर-51 से डीएलएफ मॉल, सेक्टर-51 से ओखला पक्षी विहार, सेक्टर-142 से सेक्टर-15ए, सेक्टर-51 से एक मूर्ति चौराहा ग्रेनो वेस्ट, सेक्टर-150 से परी चौक ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-63 से सेक्टर-104 जेपी अंडरपास।
ग्रेटर नोएडा
- गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से हिंडन ब्रिज कुलेसरा, परीचौक से नवादा होकर वापस परीचौक, जगत फार्म से एक्सपो मार्ट होकर जगत फॉम-2, राइज चौक से नॉलेज पार्क-5 होकर राइज चौक, चार मूर्ति चौराहे से केपिटल एथेना, चार मूर्ति से मिलक लच्छी होकर चार मूर्ति पुलिस चौकी।
प्रस्तावित किराया
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किलोमीटर
प्रस्तावित किराया
पुराना किराया
0-3 किमी.
15 रुपये
11 रुपये
3-5 किमी.
25 रुपये
16 रुपये
5-10 किमी.
35 रुपये
21 रुपये
10-15 किमी.
45 रुपये
26 रुपये
15 किमी. से अधिक सफर करने पर 5 रुपये प्रति किमी. की दर से किराया।
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