-यमुना प्राधिकरण के कार्यालय में सीईओ आरके सिंह से मिले विस्थापित परिवारों के युवा
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नोएडा हवाई अड्डे के पहले चरण में भूमि देने वाले विस्थापित किसान परिवारों के युवाओं की स्थायी नौकरी की मांग पर निर्णय चार मई को होगा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने सोमवार को कार्यालय में युवाओं के साथ एक बैठक की। उन्होंने एयरपोर्ट पर 12वीं पास तक के युवाओं के लिए योग्यता के आधार पर पदों का विवरण जानने के बाद फैसला करने का आश्वासन दिया है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण में 14 गांवों के लोगों ने अपनी जमीन दी थी। इन गांवों के विस्थापितों के युवाओं को नौकरी या पांच लाख मुआवजा दिया जाना था। इनमें से 335 युवाओं ने मुआवजा छोड़कर नौकरी का विकल्प चुना। युवाओं का कहना है कि उनसे स्थायी नौकरी का वादा किया गया था, लेकिन आज तक नौकरी नहीं मिल पाई है। इसे लेकर कई बार युवा नोएडा एयरपोर्ट गेट पर धरना प्रदर्शन किया है।
नायल ने एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले युवाओं को रोजगार देने के लिए पोर्टल बनाया गा है। इस पोर्टल पर 180 से अधिक युवा पंजीकरण करा चुके हैं। शुक्रवार रात को भी युवाओं ने नौकरी के लिए धरना-प्रदर्शन किया था। युवाओं का आरोप है कि एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले अधिकारियों ने उन्हें नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन आजतक उन्हें ऑफर लेटर नहीं मिले। इसे लेकर रविवार को अधिकारियों ने सीईओ आरके सिंह से उनकी मुलाकात कर समस्या का समाधान निकालने की बात हुई थी।
इस संबंध में सोमवार को यीडा कार्यालय में दोपहर एक बजे सीईओ आरके सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में युवाओं के साथ विधायक जेवर के प्रतिनिधि सुधीर त्यागी भी मौजूद रहे। सीईओ ने उन्हें पक्की नौकरी का आश्वासन दिया है। साथ ही अनुशासनहीनता न होने तक उन्हें नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। उन्हें ऑफर लेटर भी यापल की ओर से दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए उन्होंने 4 मई को दोबारा बैठक बुलाई है।