मेडिकल कॉलेज बना तो-,बेड की संख्या 500 हो जाएगी, विभागों से संबंधित इलाज मिलेगी,जांच की असुविधाएं दूर होंगी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में तब्दील हो सकता है। इसकी चर्चा चल रही है और शासन स्तर से इस पर जल्द ही प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यदि जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज बना तो यहां पर 500 बेड हो जाएंगे और विभिन्न विभागों से संबंधित इलाज और जांच की सुविधा मरीजों को पूर्ण रूप से मिल सकेगी।
240 बेड के जिला अस्पताल में रोजाना 3000 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा चलती है। अस्पताल में कई जांचों और विशेषज्ञों की कमी के चलते गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। एमआरआई के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है। एक भी कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है। फिजिशियन की भी कमी रहती है। हालांकि गौतमबुद्ध नगर में जिम्स अस्पताल है लेकिन नजदीक होने की वजह से अधिकतर मरीज दिल्ली चले जाते हैं।
जिला अस्पताल की 8 मंजिला बिल्डिंग का स्ट्रक्चर भी विशेष रूप से मेडिकल कॉलेज की तरह ही बनाया गया है। शुरुआती चरण में यहां पर कोविड अस्पताल चलता था और जिला अस्पताल सेक्टर 30 में संचालित होता था।
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पुराना सीएमओ कार्यालय भी जुड़ सकता है
अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में रैंप की कमी है। इस समाधान के लिए सीएमओ कार्यालय की पुरानी बिल्डिंग को अस्पताल से जोड़कर आवागमन के लिए एक रैंप बनाया जा सकता है। इस रैंप के माध्यम से बीमार मरीजों को आने-जाने में आसानी रहेगी।
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शोध को मिलेगा बढ़ावा
यदि जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में तब्दील हुआ तो यहां पर नए विभाग तैयार हो जाएंगे। इन विभागों में प्रोफेसर की मदद से नए-नए शोध हो सकेंगे और नए इलाज खोजने में मदद मिलेगी। इन सभी का फायदा सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगा। जिन मरीजों को अभी इलाज के लिए दिल्ली का रुख करना पड़ता है उन्हें नोएडा में ही उचित इलाज मिल सकेगा।
कोट
सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज है ऐसे में यहां पर भी मेडिकल कॉलेज बनाने पर सरकार विचार कर सकती है लेकिन अबतक ऐसी कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के नाम पर ग्रेटर नोएडा में जिम्स अस्पताल है।
डॉ. अजय राणा, सीएमएस, जिला अस्पताल