रुनकता। यमुना की खादरों में खेती शुरू हो गई। फसल की आड़ में सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल हो रहा है। प्रशासन ने पिछले साल रोक लगाई, लेकिन कब्जेदार नहीं माने। इस बार फिर कब्जा हो, इससे पहले प्रशासन सक्रिय हो गया। सरकारी भूमि पर फसल की आड़ में कब्जा रोकने के लिए किरावली तहसील प्रशासन ने मंगलवार को यमुना की खादरों में फीता डाला। एक-एक इंच सरकारी भूमि का सीमांकन कराया।
सीमांकन के बाद और पहले जुगसेना और सींगना गांव में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों को बताया कि सरकारी भूमि पर फसल बोई या कब्जा किया तो कानूनी कार्रवाई होगी। जेल भी जाना पड़ सकता है। यमुना की तलहटी में सींगना और जुगसेना गांव में करीब 100 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा था। जहां गेहूं, आलू व सरसों की फसल बोकर हर साल कुछ लोग मोटा मुनाफा कमाते थे। एसडीएम किरावली नीलम तिवारी ने बताया कि सरकारी भूमि चिह्नित कर ली गई है। सरकारी भूमि पर कोई फसल तैयार नहीं कर सकता। निजी भूमि पर किसान फसल की बुआई के लिए स्वतंत्र हैं। दोबारा कब्जा का प्रयास हुआ तो कब्जेदारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। निगरानी के लिए राजस्व की टीम भी बनाई गई है। तहसीलदार के नेतृत्व में टीम सक्रिय रहेगी।