यमुना प्राधिकरण की ओर से मार्स कंपनी से बनवाया जा रहा मास्टर प्लान-2041 तैयार हो गया है। इसके तहत यूरोप की तर्ज पर क्षेत्र का विकास किया जाएगा। कंपनी अगले सप्ताह तक इसे प्राधिकरण को सौंप देगी। इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड से मंजूरी के बाद शासन को मास्टर प्लान भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
वर्ष 2041 तक यमुना सिटी की आबादी करीब 42 लाख होगी। यहां पर 8 लाख घरों की जरूरत पड़ेगी। करीब 12 हजार हेक्टेयर जमीन पर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मास्टर प्लान में मिश्रित भू-उपयोग भी होगा। प्रत्येक सेक्टर में श्रमिकों के लिए झुग्गी की बजाय छोटे-छोटे घर बनेंगे। मिश्रित लैंड यूज में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक व शिक्षा सेक्टर को भी एक ही स्थान पर विकसित किया जाएगा। फ्रेट कॉरिडोर, पॉड टैक्सी, सिटी बस, ऑटो व रिक्शा स्टैंड, डिपो, पार्किंग आदि की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक सिटी, फन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी का प्रस्ताव दिया गया है। यहां पर फाइनेंशियल सिटी, इलेक्ट्रॉनिक सिटी भी बसेगी।
पानी को शोधित कर दोबारा इस्तेमाल में लाया जाएगा
नए मास्टर प्लान में ऐसी व्यवस्था की गई है कि सभी सेक्टरों से इस्तेमाल के बाद निकले पानी को शोधित करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। इसी तरह कूड़ा प्रबंधन के लिए भी सेक्टरों में ही विशेष प्रबंध किया जाएगा।
एयरपोर्ट के पास एरोपोलिस सिटी के रूप में होगा विकास
नोएडा एयरपोर्ट के पास एरोपोलिस सिटी विकसित की जाएगी। इसमें ओलंपिक पार्क व विलेज, गोल्फ कोर्स, सेंट्रल बिजनेस सेंटर, वेयर हाउस, लॉजिस्टिक हब आदि गतिविधियों के लिए भी जगह चिह्नित की गई है। इसे यूरोपीय देशों की तर्ज पर महायोजना स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करते हुए नीचे दुकान और ऊपर घर भी बनेंगे। इसके लिए करीब पांच हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी।