नोएडा। जिले के कई बड़े कारोबारी समूह और कंपनियां आयकर विभाग के रडार पर हैं। देशभर में काली कमाई का खुलासा करने के लिए मारे जा रहे छापों के तार नोएडा-ग्रेनो के कारोबारियों से जुड़ रहे हैं। साथ ही, ऐसे लोगों की भी कुंडली खंगाली जा रही है जिन्होंने बैंक खातों के जरिये बेहिसाब लेनदेन किया और महंगी संपत्तियों की खरीद-बिक्री की है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से मिली सूचना के आधार पर आयकर विभाग की नोएडा रेंज ने ऐसे 100 मामलों की फाइलों को खोलते हुए नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं।
दो साल पहले तक आयकर विभाग की तरफ से 10 लाख रुपये से ज्यादा का लेनदेन और 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति की खरीदारी करने वालों को स्थानीय स्तर पर नोटिस देकर जवाब तलब किया जाता था। अब प्रक्रिया बदल गई है। हाल ही में छोटे करदाताओं को राहत देते हुए पुरानी फाइलों को न खोलने का फैसला लिया गया है, लेकिन 50 लाख रुपये से अधिक आयकर से जुडे़ मामलों की 10 साल पुरानी फाइलों को खोलने की अनुमति मिल गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, 100 नामों की सूची मिली है, जिनका लिंक पिछले कुछ समय में देशभर में पड़े छापों से जुड़ रहा है। बोगस तरीके से लोन व शेयरों की खरीद के नाम पर आयकर की चोरी और बेहिसाब नकदी के लेनदेन से जुड़े 70 फीसदी मामले हैं। वहीं, 30 फीसदी ऐसे मामले हैं जिनमें आयकर नियमों को दरकिनार करते हुए बेहिसाब लेनदेन किया गया है। बैंकों से लोगों के खातों में हुई लेनदेन की जानकारी के आधार पर खाताधारकों की कुंडली खंगाली जा रही है। इनमें कई मामले ऐसे हैं जिनमें विभाग ने छापे मारकर काली कमाई का खुलासा किया था। इनका असेसमेंट हो गया था, लेकिन नई सूचनाओं के आधार पर फाइलों को दोबारा से खोला जा रहा है।
किसानों की और बढ़ेगी बेचैनी
जमीन का मुआवजा या फिर मकानों के भारी भरकम किराए की रकम को बैंकों में खपाने वालों के किसानों के नाम भी इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। अब इन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है, तय समयसीमा में खाताधारक जवाब दाखिल करेंगे तो विभाग किसी तरह की अनावश्यक कार्रवाई नहीं करेगा।