नोएडा/ग्रेटर नोएडा/यमुना सिटी। जैसे-जैसे रक्षा बंधन नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे बाजार राखियों से गुलजार हो रहा है। बच्चों, युवाओं और उम्र-दराजों के लिए राखियों के स्टॉल जगह-जगह सज गए हैं। खाटू श्याम, श्रीगणेश, ओम, स्वस्तिक चिह्नों, कस्टमाइज्ड और कलावे वाली राखियों की मांग ज्यादा है। नन्हें भाइयों के लिए बहनें कार्टून वाली राखियां खरीद रही हैं।
युवतियां अपने भाइयों के नाम और पसंद के हिसाब से दुकानदारों को आर्डर देकर राखियां भी बनवा रही हैं। हालांकि दुकानदार इसका चार्ज अधिक ले रहे हैं। नोएडा के सेक्टर-18 का अट्टा, सेक्टर-27 का इंदिरा मार्केट, हरौला, बरौला, जगतफार्म, रामपुर, दादरी, तुगलपुर, कासना मार्केट के अलावा गांव व सेक्टर-सोयाइटियों के बाजार, जेवर, रबूपुरा, दनकौर और बिलासपुर के बाजार रविवार को राखियों की खासी खरीदारी हुई।
बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियां, युवाओं के लिए फैंसी और स्टाइलिश राखियां, वहीं बड़े-बुजुर्गों के लिए पारंपरिक और धागे वाली राखियां भी मौजूद हैं। इनमें स्टोन, जरकन, रेशम व कालावा वाली राखियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इसके अलावा बहनों के लिए ब्रेसलेट राखी भी खूब बिक रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि खाटू श्याम, श्री गणेश, ओम और स्वस्तिक चिह्न वाली राखियां बहनों की पहली पसंद बन रही हैं।
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कस्टमाइज्ड और कलावे वाली राखियों की मांग
रबूपुरा के दुकानदार हिमांशु मित्तल ने बताया कि इस बार परंपरागत राखियों के साथ कस्टमाइज्ड राखियों का चलन बढ़ा है। अरविंद शर्मा ने बताया कि बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियां के साथ-साथ कलावे के धागे वाली व लाइट वाली राखियों की भी मांग है। मुख्य बाजार और नया बाजार में भी ग्राहकों से गुलजार नजर आ रहे है। दनकौर कस्बे में भी राखियों के स्टॉल लग गए हैं। दुकानदार संदीप जैन ने बताया कि इस बार बाजार पूरी तरह राखियों से सजा हुआ है। बिलासपुर का बाजार भीरविवार को गुलजार हो गया
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डाक से राखी भेज रहीं बहनें
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। बहनें डाक से दूर-दराज रह रहे भाई के लिए राखी भेज रही हैं। गेनों के मार्केट में अमेरिकन डायमंड की राखियां ट्रेंड में हैं। डायमंड की तरह दिखने वाली राखी को महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है। शहर में जगतफार्म, रामपुर, दादरी, तुगलपुर, कासना बाजारों के अलावा गांव व सेक्टर-सोयाइटियों के बाजारों में दुकानों पर राखियां सज हुई है।
अजय कांत का कहना है कि उनके कोरियर सेंटर से कुछ दिनों से 150 से अधिक बहनों ने भाइयों के लिए राखी संग उपहार भेजे हैं। सेक्टर बीटा-एक स्थित रामपुर बाजार के राखी विक्रेता पिंटू ने बताया कि इस बार अमेरिकन डायमंड की राखी महिलाओं व युवतियों की पहली पसंद बनी हुई हैं। वहीं, छोटे बच्चे भीम, डोरेमोन, मोटू-पतलू आदि कैरेक्टरों की राखियों को पसंद कर रहे है। फोन पर बुक की गई राखियों को कोरियर के माध्यम से उनके बताए स्थान को भेजा जा रहा है। वह अब तक 50 से 60 कोरियर कर चुके हैं।
भाई अरविंद हरियाणा में रहते हैं। तबीयत ठीक नहीं होने से राखी भेजनी पड़ रही है। -अनिता प्रजापति, गौड़ सिटी
मेरे चारों भाई पुणे, गोरखपुर, सीवान और कानपुर में रहते हैं। उन्हें कोरियर से राखी भेजी है। -नर्मदा तिवारी, ग्रेनो वेस्ट
एक भाई पानीपत और एक दिल्ली में रहता है। दोनों को राखी भेज दी है। - गीता कुमारी, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट
ग्रेटर नोएडा से मध्य प्रदेश काफी दूर है। इस वजह से हर वर्ष भाई को राखी भेजती हूं। -अन्नपूर्णा मिश्रा, ऐस डेविनो
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कीमत में उछाल से लुढ़की चांदी की राखियों की खरीदारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इस बार चांदी की राखियों की मांग कम है। इसकी वजह चांदी की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी बताई जा रही है। ज्वैलर्स का कहना है कि चांदी की राखियों की बिक्री पिछले साल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम हुई है। सेक्टर-18 के ज्वेलर अतुल मेहरा ने बताया कि पिछले साल चांदी की राखियां 350 से 1700 रुपये तक की रेंज में बिक रही थीं लेकिन इस साल कीमतें 500 से दो हजार रुपये तक पहुंच गई हैं। ग्राहक अब कृत्रिम धातुओं या डिजाइनर धागे की राखियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं जो 100 से 500 रुपये के बीच में उपलब्ध हैं।
बाजार पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों ने उनके बजट को प्रभावित किया है। सेक्टर-50 की रहने वाली प्रिया शर्मा ने कहा कि वह हर साल चांदी की राखी खरीदती थी लेकिन इस बार कीमतें देखकर डिजाइनर राखी लेने का फैसला किया है। चांदी की राखी अब जेब पर भारी पड़ रही है।
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वर्जन
बाजार में ग्राहक आने लगे हैं। अब देखना होगा कि रक्षाबंधन तक सर्राफा बाजार में कितना उछाल आता है।- एसके जैन, ज्वैलर्स एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर
ज्यादा फर्क नहीं है। खरीदार आ रहे हैं। हालांकि अब लोग कम वजन का सामान ले रहे हैं। मनोरंजन कुमार सिंह, मैनेजर, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड