मांग कम होने से खेतों में खराब हो रहे गेंदा के फूल, किसान परेशान
आशीष शर्मा
यमुना सिटी।
जेवर क्षेत्र के करोल, म्याना, रबूपुरा, भुन्ना तगा जैसे कई गांवों में गेंदा की खेती लगभग तैयार हो चुकी है, लेकिन बाजार में मांग कम होने और फूलों का उचित दाम नहीं मिलने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फूलों का सही दाम नहीं मिलने के कारण उन्हें कई किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली के गाजीपुर जाकर फूल बेचने पड़ते हैं। इसके बावजूद वहां भी उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिल पा रहा है। बाजार में मांग कम होने से खेतों से फूलों की तुड़ाई भी नहीं हो पा रही है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है।
खून पसीना एक कर करते हैं देखरेख
किसानों का कहना है कि गेंदा के पौधे लगाने के बाद करीब तीन महीने तक फसल की लगातार देखरेख करनी पड़ती है। समय पर खाद और पानी देने के साथ ही फसल की निराई, गुड़ाई और अन्य जरूरतों का बारीकी से ध्यान रखना पड़ता है, ताकि फूलों की पैदावार पर असर न पड़े। इसके बावजूद बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
खेतों में ही तोड़कर फेंक रहे फूल
किसानों का कहना है कि बाजार में मांग न होने के कारण फूल खेत में लगे-लगे बेकार हो रहे। फूल खराब होने से दूसरे फूल को खराब कर सकता है ऐसा होने से रोकने के लिए किसान खराब फूलों को तोड़कर खेतों में फेंक रहे है जिस कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। करीब 20 बीघा में खेती करने वाले किसान सतीश ने बताया कि प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में उन्हें किसी भी फसल बीमा या सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिलता।
त्योहारों पर दाम बढ़ने की उम्मीद
किसानों को अब दुर्गा पूजा और दिवाली के दौरान फूलों की मांग बढ़ने और बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। इस समय फूल बाजार में 20-30 रुपये किलो जा रहें हैं त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने से दाम भी बढ़ जाएंगे जिससे कम से कम खेती की लागत निकल आएगी। मांग बढ़ने से फूलों की तुड़ाई होगी जिससे बाजार में फूलों के भाव भी बढ़ेंगे। फिलहाल कम मांग और उचित दाम नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं।
पेड़ लगाने से लेकर फूल निकलने तक तीन महीने देखभाल करने के बाद भी सही दाम नहीं मिल पाते हैं
- सतीश
एक बीघा फूल की खेती करने में निराई गुड़ाई फूल तुड़ाई में लगभग 30 से 35 हजार रुपये का खर्च आता है
- महेश
क्षेत्र के बाजारों में फूल के सही दाम न मिलने पर कई किमी. दूर दिल्ली की गाजीपुर मार्केट ले जाना पड़ता है
- उमेश
किसान दिवाली और दुर्गा पूजा का इंतजार कर रहे है, त्योहार शुरू होने पर दाम बढ़ने की आस है
- राजेश