रेवाड़ी। जिले को तीन खेलों के कोच तो मिले हैं मगर अभी कई खेल ऐसे हैं जिनमें कोच की जरूरत है। इनमें से बॉक्सिंग के प्रशिक्षक का स्थानांतरण गुरुग्राम कर दिया गया। वॉलीबॉल के प्रशिक्षक नेहरूगढ़ और कुश्ती के प्रशिक्षक बावल स्थित मिनी खेल स्टेडियम में प्रशिक्षण देंगे।
अभी खेल विभाग के पास जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, कबड्डी, स्वीमिंग के प्रशिक्षक नहीं हैं। ऐसे में इन खेलों के खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी होती है। प्रशिक्षण के अभाव में इन खेलों में खिलाड़ी पिछड़ रहे हैं।
लॉन टेनिस का हाल ही में राव तुलाराम स्टेडियम में नया कोर्ट बनाया गया है। बिना प्रशिक्षक के अभाव में देखरेख नहीं होने से लॉन टेनिस कोर्ट की हालत खराब हो रही है।
बास्केटबॉल के भी स्टेडियम में दो मैदान बनाए गए थे लेकिन देखरेख न होने से ये मैदान भी खराब होते जा रहे इनकी गोल पोस्ट की जालियां भी गायब हैं। बड़ी बात है कि इन खेलों में खिलाड़ियों को मेडल भी नहीं मिल पा रहे हैं। इन खेलों में टीम प्रतियोगिताओं में भाग तो लेती है लेकिन कभी पदक नहीं जीत पाई है। स्वीमिंग के लिए यहां पर कोई पूल ही नहीं है। खिलाड़ियों को गुड़गांव में ही जाकर अभ्यास करना पड़ता है।
वर्जन
जिन खेलों के कोच नहीं हैं, उनकी डिमांड बनाकर भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ खेलों के प्रशिक्षक मिल जाएंगे। -ममता, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।