आवाज से मनोरोग पहचान कर उपचार बताएगा मनोद्यम
-यूपी हेल्थटेक समिट में पीजीआई लखनऊ जिम्स प्रबंधन के साथ स्टार्टअप का देगा प्रजेंटेशन
- एप को स्टैंफोर्ड यूनिवर्सिटी ने किया चयनित
संदीप वर्मा
ग्रेटर नोएडा। आईआईटी दिल्ली से पढ़े इंजीनियर संजय भारद्वाज ने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के इंक्यूबेशन सेंटर में आवाज से मनोरोग पहचान कर उसका उपचार करने का एप्लीकेशन मनोद्यम तैयार किया है। उनके स्टार्टअप आइडिया को उत्तर प्रदेश के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई मेडटेक) और अमेरिका के कैलीफोर्निया स्थित स्टैंफोर्ड विश्वविद्यालय के बेयर्स सेंटर फॉर बायो डिजाइन ने पहले दौर में चयनित किया है। देशभर से चयनित हुए कुल 8 एप में इसे शामिल किया गया है।
पीजीआई लखनऊ में 14 और 15 जुलाई को होने वाली यूपी हेल्थटेक समिट में स्टैंफोर्ड विवि और एसटीपीआई मेडटेक के विशेषज्ञों के सामने इस एप का प्रजेंटेशन रखा जाएगा। समिट में चयनित होने पर यूपी सरकार और स्टैंफोर्ड विवि एप को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने के लिए सहायता देगी। इसके बाद राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इसे मान्यता के लिए ट्रायल पर लिया जाएगा।
नोएडा के सेक्टर-29 निवासी संजय भारद्वाज ने बताया कि देश में पहली बार आवाज के माध्यम से मनोरोग पहचानने का एप्लीकेशन आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है। शुरूआत में उन्होंने अवसाद (डिप्रेशन) और चिंता (एंजाइटी) पर कार्य किया है। एप आपकी आवाज से पता लगा लेगा कि आप में अवसाद और चिंता के लक्षण किस स्तर पर हैं। इसके लिए आप स्वयं एप को खोलकर बीमारी का पता लगा सकते हैं। संजय बताते हैं कि एसटीपीआई मेडटेक और स्टैंफोर्ड विश्वविद्यालय ने एप का कांसेप्ट काफी पसंद किया है।
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योग और निद्रा प्रबंधन की देगा सलाह:
निम्न स्तर और मध्यम स्तर के अवसाद, चिंता जैसी बीमारी के लक्षण मिलने पर एप मरीज को योग, ध्यान और निद्रा प्रबंधन के जरिए उपचार के तरीके भी बताएगा। यदि मरीज की स्थिति गंभीर होगी तो इन उपचारों के अलावा मनोचिकित्सक से परामर्श लेने की भी एप सलाह देगा।
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1 रुपये प्रतिदिन पर मिलेगी सलाह
संजय ने बताया कि यदि हेल्थटेक समिट में यह चयनित होता है तो यूपी सरकार के माध्यम से प्रदेशभर के लोगों के लिए इसे 1 रुपये प्रतिदिन की दर से (365 रुपये प्रति वर्ष) उपलब्ध कराया जाएगा।